Pahalgam Attack: 'जाओ मोदी को बता देना', फायरिंग करने वाले आतंकी ने क्या कहा? नाम पूछकर क्यों मारी गोली?
Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल) दोपहर करीब 2.30 बजे बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया गया। आतंकियों ने बैसरन के टूरिस्ट स्पॉट पर घुडसवारी कर रहे पर्यटकों को अपनी गोलियों का निशाना बनाया। वहीं अब हमले से जुड़ी चौंकाने वाली चीजें भी सामने आ रही हैं।
मीडिया रिपोर्टिस के मुताबिक 5 से 6 आतंकी हथियारों से लैस होकर पर्यटकों के ग्रुप के पास पहुंचे। दावा किया गया है कि आतंकियों ने पुलिस/सेना जैसी वर्दी पहन रखी थी। इतना ही नहीं सैलानियों से नाम पूछ-पूछकर गोली मार रहे थे।

मंगलवार को घाटी के फेमस पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में कर्नाटक से आए पर्यटक मंजूनाथ की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वे अपनी पत्नी पल्लवी और बेटे के साथ घूमने आए थे।
पत्नी पल्लवी ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती
हमले के बाद पल्लवी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि जैसे ही गोलियों की आवाज आई, मंजूनाथ को निशाना बनाया गया। घबराई हुई पल्लवी ने आतंकियों से कहा-"मेरे पति को मार दिया, मुझे भी मार दो...", इस पर आतंकी ने जवाब दिया कि "तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को ये घटना बता देना।"
स्थानीयों ने दिखाई बहादुरी, बचाई पल्लवी की जान
गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए पल्लवी और उसके बेटे को सुरक्षित निकाला। उनका यह साहस एक बड़ी त्रासदी को और गंभीर होने से रोक सका।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अंतिम वीडियो
इस दर्दनाक हमले से कुछ घंटे पहले मंजूनाथ और पल्लवी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, जिसमें वे पहलगाम की खूबसूरती का आनंद लेते दिख रहे थे। कौन जानता था कि यह पल उनकी जिदगी का आखिरी खुशनुमा लम्हा होगा।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और घाटी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की। इसी के साथ शाह श्रीनगर पहुंच गए हैं। जहां बैठक करेंगे।
इधर, CRPF और J&K पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आतंकियों की पहचान की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी को भी घटना की पूरी जानकारी दी गई है और उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
यह हमला सिर्फ हत्याएं नहीं, एक साजिश है
यह हमला केवल पर्यटकों को मारने की घटना नहीं है, बल्कि घाटी की शांति और राष्ट्रीय एकता को चोट पहुंचाने की साजिश है। आतंकी जिस तरह से 'जाओ, मोदी को बता देना' जैसी बातें कह रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक पूर्वनियोजित मानसिक और सामाजिक हमला भी है। मानना है कि इस तरह के टारगेटेड अटैक देश में धार्मिक या राजनीतिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से किए जाते हैं।












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