'लोगों के लिए बहुत कुछ करना है', शपथ ग्रहण से पहले उमर अब्दुल्ला ने दादा शेख अब्दुल्ला को किया याद
आर्टिकल 370 के समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर में पहली सरकार का गठन होने जा रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने घाटी में 48 सीटों पर जीत दर्ज की है। उमर अब्दुल्ला दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं। आज 11.30 बजे वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से पहले उमर अब्दुल्ला श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर मजार-ए-अनवर दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शेख मोहम्मद अब्दुल्ला, फारुक अब्दु्ल्ला के दादा हैं। भारत में विलय के बाद वह जम्मू कश्मीर के पहले प्रधानमंत्री थे, बाद में उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री भी जम्मू कश्मीर को अपनी सेवाएं दीं। शेख अब्दुल्ला के बाद फारुक अब्दुल्ला भी जम्मू कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रहे।

दादा शेख अब्दुल्ला को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमारी सरकार को इस क्षेत्र और यहां के लोगों के लिए बहुत कुछ करना है।
हमें लोगों को उम्मीद देनी है कि यह उनकी सरकार है, उनकी आवाज को सुना जाएगा। पिछले 5-6 वर्षों से उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। यह हमारी जिम्मेदारी होगी कि हम उनकी बात को सुने और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरें।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मेरे पास कुछ अलग विशेषताएं हैं। मैं छह साल का पूरा कार्यकाल पूरा करने वाला आखिरी मुख्यमंत्री था। अब मैं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का पहला मुख्यमंत्री बनूंगा।
उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा अस्थायी होगा। उमर ने राज्य का दर्जा बहाल करने और लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए भारत सरकार के साथ सहयोग पर जोर दिया।
बता दें कि जम्मू कश्मीर में एनसी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। एनसी ने 42 तो कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भजापा ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है। आज होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित कई बड़े नेता हिस्सा लेंगे।












Click it and Unblock the Notifications