'जेल या जहन्नुम', नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों पर साफ किया केंद्र का रुख, विपक्ष को दी नसीहत!
Jammu-Kashmir: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमलों पर बात की। उन्होंने कहा कि सक्रिय आतंकवादियों को या तो जेल में डाला जाएगा या फिर उन्हें जहन्नुम भेजा जाएगा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सवाल का जवाब देते हुए राय ने भरोसा दिलाया कि आतंकवादी गतिविधियां जल्द ही बंद हो जाएंगी।
राय ने आतंकवाद के प्रति नरेंद्र मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों ने केंद्र शासित प्रदेश में 28 आतंकवादियों को मार गिराया है।

उन्होंने कहा, "मोदी सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति रखती है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं... हम आतंकवाद को खत्म करेंगे। वे (आतंकवादी) या तो जेल में होंगे या जहन्नुम में...।"
आतंकवादी घटनाओं में कमी
राय ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने मौजूदा आंकड़ों की तुलना यूपीए के शासनकाल के आंकड़ों से की और बताया कि इस साल जुलाई तक घटनाएं 7,217 से घटकर 2,259 रह गईं। राय ने यह भी बताया कि 2014 के बाद से नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की संख्या में 67% की कमी आई है।
राय ने सदन को बताया, "2004 से 2014 के बीच आतंकवाद के कारण 2,829 नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की जान गई। 2014 के बाद से इस संख्या में 67% की कमी आई है। इसके अलावा, कुल मिलाकर आतंकी घटनाओं में 69% की कमी आई है।"
पर्यटन में हुई वृद्धि
राय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली से पर्यटन में उछाल आया है। अकेले 2023 में 2 करोड़ 11 हजार पर्यटक इस क्षेत्र में आए। मंत्री ने इस वृद्धि का श्रेय बेहतर सुरक्षा स्थितियों को दिया।
उन्होंने पर्यटकों की यात्राओं के बारे में विस्तृत आंकड़े दिए, "2023 में 2 करोड़ 11 हज़ार पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए हैं। वहाँ शांति बहाल हो गई है, इसलिए पर्यटक बढ़ रहे हैं। जनवरी से जून 2024 तक कुल 1,08,41,009 पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए।"
विशेष दर्जा निरस्तीकरण का प्रभाव
मोदी सरकार ने 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। सरकार का दावा है कि इस कदम से आतंकवाद पर काबू पाने में मदद मिली। हालांकि, हाल ही में हुए आतंकी हमलों के बाद विपक्ष ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं।
राय ने हाल की आतंकवादी घटनाओं पर खेद व्यक्त किया, लेकिन उनका राजनीतिकरण न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं होना चाहिए था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उन्हें (विपक्ष को) इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
राय ने यह भी स्वीकार किया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कुछ सैनिक भी मारे गए हैं। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में 28 आतंकवादी मारे गए हैं। दुखद बात यह है कि मुठभेड़ में हमारे कुछ सैनिक भी मारे गए हैं।" उन्होंने भरोषा दिलाया कि सरकार का रुख आतंकवाद के उन्मूलन तथा जम्मू-कश्मीर में शांति एवं पर्यटन विकास को बढ़ावा देने पर दृढ़ है।












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