महबूबा मुफ्ती बोलीं- लोग सुरक्षाकर्मियों की गोली से मरें या आतंकियों की, दोनों एक जैसे
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि राज्य प्रशासन कभी भी उनको घर में कैद कर देता है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि जब मिलिटेंट हमला करते हैं तो उनको पीड़ितों से मिलने की इजाजत दे दी जाती है। वहीं जब कोई सुरक्षाकर्मियों की गोली से मरता है तो उनके घर को बाहर से बंद कर उनको कैद कर लिया जाता है।
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, जब कोई आतंकवादियों की गोलियों से मारा जाता है तो हमें वहां उनके परिजनों से मिलने दिया जाता है। हाल ही में सीआरपीएफ ने एसटी समुदाय के एक परवेज नाम के लड़के को गाड़ी रोककर मार दिया। हम उनके परिवार से मिलने जाना चाहते थे लेकिन घर के बाहर ताला लगा दिया गया। ये अजीब सिस्टम है कि जब कोई हमारे मुल्क की गोली से मारा जाए तो वो ठीक लेकिन मिलिटेंट की गोली से मरे तो वो गलत है। मेरी निगाह में दोनों ही गलत हैं और बराबर की गलतिया हैं।
पाक से बातचीत करे भारत सरकार
चीन सीमा पर विवाद को लेकर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि चीन ने हमारे जवानों को मारा और जमीनों पर कब्जा किया लेकिन चीन के साथ भारत की बातचीत जारी है। मैं समझती हूं कि पाकिस्तान के साथ भी बातचीत के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। आखिर कब तक भाजपा जवानों और लोगों के खून की सियासत करेगी। पाकिस्तान से बात करके हल निकाला जाना चाहिए।
आर्यन खान के मुद्दे पर भी बोलीं
महबूबा मुफ्ती ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार फिल्म स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन को लेकर भी बयान दिया है। मुफ्ती ने कहा कि खान (मुसलमान) होने की वजह से आर्यन को परेशान किया जा रहा है। मुफ्ती ने कहा, चार किसानों की हत्या के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे के मामले में उदाहरण पेश करने के स्थान पर केन्द्रीय एजेंसियां 23 साल के युवक के पीछे पड़ी हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनका सरनेम खान है। भाजपा के कोर मतदाताओं को खुश करने के लिए ये किया जा रहा है।












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