पीएम मोदी के साथ बैठक के लिए राजी हुए जम्मू कश्मीर के नेता, गुपकर गठबंधन की बैठक में हुआ फैसला
पीएम मोदी के साथ बैठक के लिए राजी हुए जम्मू कश्मीर के नेता
श्रीनगर, 22 जून: जम्मू कश्मीर के प्रमुख दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का फैसला लिया है। श्रीनगर में जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम डॉ फारूक अब्दुल्ला के आवास पर गुपकर गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद डॉ अब्दुल्ला ने बताया कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, सीपीएम के नेता मोहम्मद तारिगामी साहब, वो खुद और दूसरे जिन नेताओं को बुलाया गया है, वो पीएम की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे।

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फारूक अब्दुल्ला ने कहा, हममें से जिनको भी बुलाया गया है, वो लोग जा रहे हैं। हम सब बात करेंगे। हमारा मकसद सभी को मालूम है। वहां पर आप हर बात पर बोल सकते हैं। उनकी तरफ से कोई एजेंडा तय नहीं हुआ है। महबूबा मुफ़्ती ने कहा, हमारा पीपुल्स अलायंस का जो एजेंडा है। जिसके लिए हमने ये अलायंस बनाया है, जो हमसे छीना गया है, हम उसपर बात करेंगे कि ये आपने गलती की है, यह असंवैधानिक है। इसको बहाल किए बगैर जम्मू-कश्मीर का मसला और हालात में अमन बहाल नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून को जम्मू-कश्मीर के नेताओं की सर्वदलीय बैठक बुलाई है। पीएम नरेंद्र मोदी की इस बैठक में शामिल होना है या नहीं, इस बात पर फैसला करने के लिए गुपकर गठबंधन के नेताओं की फारूक अब्दुल्ला के आवास पर बैठक बुलाई है। बैठक में फैसला लिया गया कि पीएम नरेंद्र मोदी की सर्वदलीय बैठक में जाना चाहिए।
बता दें कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष अधिकार खत्म कर दिए थे और राज्य का दर्जा भी खत्म कर दिया था। इसके विरोध में लेकर जम्मू कश्मीर के भाजपा को छोड़ दूसरे दलों के ज्यादातर बड़े नेता साथ आए हैं। इसे पीपुल्स अलायंस फॉर डिक्लेरेशन का नाम दिया दिया गया है। गुपकार रोड स्थित फारूक अब्दुल्ला के आवास पर इसको लेकर पहली बैठक होने की वजह से इसे गुपकार एलायंस के नाम से जाना जाता है। कश्मीर की राजनीति से जुड़े फैसले अब यही गठबंधन ले रहा है।
गुपकर गठबंधन जम्मू-कश्मीर को फिर से वो विशेष अधिकार और राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहा है, जो उसको 5 अगस्त 2019 से पहले हासिल थे। दर्जे की बहाली की मांग कर रहे हैं। गुपकार घोषणा में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल-370 और 35-ए की वापसी की मांग की गई है।












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