J&K: नौगाम में हुआ भीषण विस्फोट, 6 की हुई मौत, 27 लोग हुए घायल, क्या दिल्ली विस्फोट से है कोई कनेक्शन?
Jammu and kashmir News: श्रीनगर के नौगाम के पुलिस स्टेशन में 14 नवंबर को देर रात एक भीषण धमाका हुआ, जिसने रात करीब 11:20 बजे नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर को हिला दिया। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और 27 लोग घायल हुए हैं।
इस विस्फोट से आस-पास के इलाकों में तेज झटका लगा और अचानक आग की तेज लपटें ही नजर आने लगी। धमाके के तुरंत बाद परिसर के अंदर भीषण आग लग गई, जिससे चारों ओर घना धुआँ फैल गया आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाना शुरू कर दिया, जबकि पुलिस अधिकारियों नेइलाके को सुरक्षित किया।

कैसे हुआ पुलिस स्टेशन में धमाका?
जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन पर ये घटना तब हुई जब पुलिसकर्मी 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' मामले से संबंधित जब्त किए गए विस्फोटक सामग्री के सैंपल ले रहे थे और विस्फोटकों को संभाला जा रहा था।
इस विस्फोट में मुख्य रूप से पुलिसकर्मी और फोरेंसिक अधिकारी प्रभावित हुए, जो इन विस्फोटकों के निपटान के कार्य में लगे हुए थे। विस्फोट के कारणों की गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नमूनों को फरीदाबाद से जब्त किया गया था
इन नमूनों को फरीदाबाद से जब्त किया गया था।, थाने के अंदर जब्त अमोनियम नाइट्रेट का निरीक्षण करते समय विस्फोट हुआ। पुलिसकर्मी, एफएसएल टीम और तहसीलदार की टीम दिल्ली बम धमाके के मामले में टीम देर रात निरीक्षण के दौरान जब्त सामग्री की जाँच कर रही थी और थाने के अंदर नमूने ले रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह विस्फोट दुर्घटनावश हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि पुलिस स्टेशन परिसर में खड़े कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के तुरंत बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
ये विस्फोटक फरीदाबाद में डॉ के घर हुए थे बरामद
बता दें हरियाणा के फरीदाबाद में डॉ. मुज़म्मिल गनाई के किराए के घर से बरामद 360 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री में से ये विस्फोटक मिले थे। इन सामग्रियों की गहन जांच चल रही है और नमूने भी लिए जा रहे हैं।
6 लोगों के शव बरामद, पुलिसकर्मी समेत 24 लोग हुए जख्मी
इस घटना स्थल से छह शव बरामद हुए हैं, जिनकी शिनाख्त अभी बाकी है। मृतकों को श्रीनगर में स्थित पुलिस कंट्रोल रूम ले जाया गया है। घायलों में 24 पुलिसकर्मी और तीन नागरिक शामिल हैं, जिन्हें शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस विस्फोट के कारण पुलिस स्टेशन की इमारत को भारी क्षति पहुंची और रात की शांति भंग हो गई। छोटे-छोटे, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों ने शुरुआती बचाव कार्यों में बाधा डाली।
क्यों फरीदाबाद से श्रीनगर लाया गया ये विस्फोटक?
कुछ विस्फोटक फॉरेंसिक लैब में सुरक्षित रखे गए हैं, जबकि एक बड़ा हिस्सा अभी भी उसी पुलिस स्टेशन में मौजूद है, जहां आतंकी मॉड्यूल का मुख्य मामला दर्ज किया गया है। यह साजिश अक्टूबर के मध्य में बुनपोरा, नौगाम की दीवारों पर धमकी भरे पोस्टर दिखाई देने के बाद सामने आई थी। इसे एक गंभीर खतरा मानते हुए, श्रीनगर पुलिस ने 19 अक्टूबर को मामला दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया था।
विस्फोट के बाद दिखा ये भयावह मंजर
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया सामग्री में आग लगने के बाद आग तेजी से फैल गई और झटके से आसपास के इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया। आग बुझाने के लिए अग्निशमन कर्मी तुरंत मौके पर पहुँचे, जबकि अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराया। सीसीटीवी फुटेज में विस्फोट के बाद धुआँ और आग तेजी से ऊपर उठती दिख रही थी।












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