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Anantnag-Rajouri Seat: जम्मू-कश्मीर की इस हाई प्रोफाइल सीट पर दिलचस्प लड़ाई, INDI ब्लॉक के साझेदार आमने-सामने

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण के तहत शनिवार (25 मई) को जम्मू कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी सीट (Anantnag-Rajouri Lok Sabha Seat) पर भी वोटिंग होगी। हालांकि पहले इस सीट पर तीसरे चरण में सात मई को मतदान होना था, लेकिन खराब मौसम के कारण मतदान की तारीख 25 मई कर दी गई।

ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प होगा, क्योंकि यहां दो इंडिया गुट (INDIA bloc)के सहयोगियों के बीच आमने-सामने की टक्कर है।

Anantnag-Rajouri Seat

इस हाई प्रोफाइल सीट पर पीडीपी (PDP) नेता और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की नेशनल कॉन्फ्रेस के मियां अल्‍ताफ अहमद लारवी से सीधा मुकाबला है। हालांकि कहीं ना कहीं ये लड़ाई त्रिकोणीय है, क्योंकि जम्‍मू-कश्‍मीर अपनी पार्टी के जफर इकबालद मन्‍हास भी इस मुकाबला में हैं।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनंतनाग-राजौरी समेत कश्मीर की तीन सीटों में से किसी से भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। लेकिन अपनी पार्टी को बीजेपी का अनाधिकारिक समर्थन हासिल है।

नेशनल कॉन्फ्रेस और पीडीपी, दोनों ही इंडिया ब्लॉक के साझेदार हैं, लेकिन इसके बावजूद दोनों ही दलों ने अनंतनाग-राजौरी से अपना-अपना उम्मीदवार उतारा है। भले ही मुफ्ती इस सीट से इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहते थी, लेकिन कांग्रेस ने एनसी उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस छोड़कर डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद की पार्टी भी यहां के चुनाव मैदान में है।

2019 में एनसी के हसनैन मसूदी ने मुफ्ती को 6000 से अधिक वोटों के करीबी अंतर से हराया था। जिसके बाद इस बार यह सीट पीडीपी के लिए नाक की लड़ाई बन गया है, क्योंकि पूर्व सीएम मुफ्ती का लक्ष्य उस सीट पर कब्जा करना होगा, जिसे कभी पीडीपी का गढ़ माना जाता था।

मुफ्ती ने इससे पहले 2004 और 2014 में यह सीट जीती थी। उनके दिवंगत पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भी 1998 में यह सीट जीती थी। 2022 में परिसीमन अभ्यास के बाद अनंतनाग-राजौरी में यह पहला चुनाव है, जिसमें पुंछ और राजौरी के क्षेत्र को निर्वाचन क्षेत्र में जोड़ा गया है।

बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। इसके बाद बने केंद्र शासित राज्य जम्मू कश्मीर के लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन कराया गया, इसके बाद अनंतनाग-राजौरी सीट अस्तित्व में आई।

साल 2019 के चुनाव में जम्मू कश्मीर में लोकसभा की छह सीटे थीं। इनमें से तीन बीजेपी और तीन नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास थीं। बीजेपी ने जम्मू, उधमपुर और लद्दाख की सीट जीती थी, जबकि अनंतनाग, बारामुला और श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जीत हासिल की। अब जम्मू कश्मीर के बंटवारे के बाद यहां सिर्फ पांच सीटें ही रह गई हैं।

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