Shagun Parihar: कौन हैं शगुन परिहार? आतंकी हमले में हुई थी पिता-चाचा की मौत, PM मोदी ने बनाया बेटी
JK Kishtwar Seat BJP Candidate Shagun Parihar: जम्मू-कश्मीर में 2024 के विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज, 18 सितंबर को शुरू हो गया। सुबह से ही किश्तवाड़ सीट पर लोगों की लंबी कतारें मतदान केंद्रों के बाहर देखी जा सकती हैं। यहां त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC), जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने हैं।
इस चुनाव में खास ध्यान आतंकवाद की शिकार बीजेपी उम्मीदवार शगुन परिहार (29 वर्षीय) आकर्षित कर रही हैं। भाजपा शगुन को इस चुनाव में आतंक के दंश के तौर पर पेश कर रही है। शगुन के पिता और चाचा की मौत आतंकी हमले में चली गई थी। शगुन का इस सीट पर एनसी के सज्जाद अहमद और पीडीपी के फिरदौस अहमद से मुकाबला होना है। आइए आपको रूबरू कराते हैं शगुन परिहार से...

कौन हैं शगुन परिहार? (Who is Shagun Parihar)
शगुन परिहार, किश्तवाड़ से बीजेपी की उम्मीदवार हैं और इस समय इलेक्ट्रॉनिक्स में डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रही हैं। उनका जीवन उस समय बदल गया, जब 1 नवंबर, 2018 को आतंकवादियों ने उनके पिता अजीत परिहार (Ajeet Parihar)और चाचा अनिल परिहार (Anil Parihar)की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शगुन के चाचा अनिल परिहार उस समय बीजेपी के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन सचिव थे। परिवार पर हुए इस हमले ने उन्हें गहरे दुख में डुबो दिया, लेकिन आज शगुन अपने परिवार और क्षेत्र के लिए खड़ी हो चुकी हैं।
चुनावी मैदान में शगुन परिहार की भूमिका
इस बार किश्तवाड़ सीट पर शगुन परिहार का मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के सज्जाद अहमद और पीडीपी के फिरदौस अहमद से है। शगुन की उम्मीदवारी बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। बीजेपी ने उन्हें आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त प्रतीक के रूप में पेश किया है। शगुन का चुनावी रण सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत संघर्ष का भी प्रतीक है।
उनका मानना है कि यह चुनावी जनादेश सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने आतंकवाद के कारण अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि बीजेपी ने शहीदों के परिवारों को सम्मान देने का काम किया है, और वह इस चुनाव में उन सभी के लिए लड़ रही हैं।
PM मोदी ने जताया भरोसा, बनाया बेटी
बीती 13 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के डोडा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने किश्तवाड़ से बीजेपी उम्मीदवार शगुन परिहार का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि बीजेपी ने आतंकवाद की शिकार इस बेटी को टिकट दिया है। बेटी शगुन सिर्फ पार्टी की उम्मीदवार नहीं है, बल्कि आतंकवाद को खत्म करने के बीजेपी के इरादों का जीता जागता उदाहरण है। इस पल के बाद, शगुन ने मीडिया से बातचीत में प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि पीएम ने पिता की याद दिला दी।
'जो मेरे साथ हुआ, किसी और के साथ न हो'
किश्तवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार शगुन परिहार ने वोट डालने से पहले अपने आवास पर प्रार्थना की। मतदान के बाद शगुन ने कह कि सुरक्षा यहां सबसे बड़ा मुद्दा है, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि जो मेरे साथ हुआ, वह किसी और के साथ हो। मैं चाहती हूं कि यहां की हर बेटी को उसके पिता का आशीर्वाद मिले।
शगुन परिहार की संपत्ति
चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के अनुसार, शगुन परिहार की कुल संपत्ति लगभग 92 लाख रुपये है। उनपर किसी भी प्रकार की देनदारी नहीं है, और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। यह उनकी साफ छवि और संघर्षशील व्यक्तित्व को दर्शाता है, जो उन्हें इस चुनाव में एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
किश्तवाड़ सीट पर 2024 के विधानसभा चुनाव में शगुन परिहार का चुनाव लड़ना न केवल एक राजनीतिक घटना है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ उनके परिवार के संघर्ष की कहानी भी है। उनके पिता और चाचा की हत्या ने उनके जीवन को प्रभावित किया, लेकिन आज वह उसी संघर्ष को अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ रही हैं। बीजेपी ने शगुन को टिकट देकर यह साबित किया है कि पार्टी उन परिवारों के साथ खड़ी है जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जान गंवाई है। अब देखना यह होगा कि जनता का समर्थन किसे मिलता है और किश्तवाड़ की सीट पर कौन जीतता है।












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