Kathua Cloudburst: किश्तवाड़ के बाद जम्मू के कठुआ में बादल फटने से तबाही, राहत और बचाव कार्य जारी
Kathua Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा का कहर लगातार जारी है। किश्तवाड़ में हुए बादल फटने की तबाही के कुछ ही दिन बाद अब कठुआ जिले के जोड़ इलाके में रविवार (17 अगस्त) को बादल फटने से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री Dr. Jitendra Singh ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि. उन्होंने SSP कठुआ श्री शोभित सक्सेना से बात की और क्षेत्र में 7 लोगों की मौत की सूचना मिली। मलबे की चपेट में रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे और कठुआ पुलिस स्टेशन भी प्रभावित हुआ है। नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

कठुआ पुलिस स्टेशन को भी नुकसान
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि, जंगलोटे इलाके में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद मैंने SSP कठुआ श्री शोभित सक्सेना से बातचीत की। 4 लोगों की मौत की सूचना मिली है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि, 'इसके अलावा रेलवे ट्रैक, नेशनल हाईवे और कठुआ पुलिस स्टेशन को भी नुकसान हुआ है। नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।'
CM ने जताया दुख
वहीं इस घटना की जानकारी देते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि, CM ने कठुआ जिले के कई हिस्सों में, जिनमें जोड़ खड्ड और जुठाना शामिल हैं, भूस्खलन से हुई जान-माल की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस आपदा में 4 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और सभी आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित राहत, बचाव और निकासी उपाय करने का निर्देश भी दिया।
किश्तवाड़ आपदा: ताज़ा आंकड़े
वहीं 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में दोपहर 12:25 बजे बादल फटने की घटना के बाद तबाही का मंजर भयावह रहा। अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 34 शवों की पहचान की जा चुकी है।
- रेस्क्यू और बचाव: 500 से अधिक लोग सुरक्षित बचाए गए हैं, जबकि अभी भी लगभग 200 लोग लापता हैं।
- घायल: कुल 180 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 40 की हालत गंभीर है। सभी घायलों को किश्तवाड़ और जम्मू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- परिवारों की जानकारी: 75 लोगों की डिटेल उनके परिजनों ने प्रशासन को उपलब्ध कराई है।
- रेस्क्यू टीम: एनडीआरएफ की 3 टीमें, सेना के 300+ जवान, व्हाइट नाइट कोर मेडिकल टीम, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।












Click it and Unblock the Notifications