टेरर फंडिंग मामले में कश्मीर का सोशल एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज गिरफ्तार, आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का शक
नई दिल्ली, 23 नवंबर। टेरर फंडिंग की जांच कर रही NIA ने सोमवार को जम्मू कश्मीर के सोशल एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज को गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, खुर्रम की गिरफ्तारी सोमवार को श्रीनगर स्थित उनके आवास से हुई। एनआईए ने खुर्रम परवेज को आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया है। NIA ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों के साथ मिलकर सोमवार को परवेज के आवास पर छापा मारा था। मौके पर परवेज को घर पर ही पाया गया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने परवेज को गिरफ्तार कर लिया।

खुर्रम से कई घंटे तक चली पूछताछ
NIA के सूत्रों से जानकारी मिली है कि खुर्रम परवेज पर UAPA एक्ट के आईपीसी के विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद परवेज से श्रीनगर स्थित NIA के कार्यालय में कई घंटों तक पूछताछ हुई। आपको बता दें कि परवेज पिछले साल अक्टूबर में भी गिरफ्तार हुआ था। उस वक्त भी एनआईए ने उसके आवास और दफ्तरों पर छापेमारी की थी।
परवेज की गिरफ्तारी पर UN की महिला एक्टिविस्ट ने जताई आपत्ति
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खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक, सेंटर फॉर सोशल इनोवेशन, ट्रिनिटी कॉलेज बिजनेस स्कूल में असिस्टेंट प्रोफेसर Mary Lawlor ने आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, "मैं परेशान करने वाली खबरें सुन रही हूं कि खुर्रम परवेज को आज कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था और उन पर आतंकवाद से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। वह आतंकवादी नहीं है, वह मानवाधिकार रक्षक हैं।"
कौन हैं खुर्रम परवेज?
आपको बता दें कि खुर्रम परवेज खिलाफ साल 2016 में पब्लिक सेफ्टरी एक्ट (PSA) लगाया गया था। यूएन ह्यूमन राइट काउंसिल के सेशन में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड की यात्रा पर रोके जाने के एक दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। जेल में 76 दिन गुजारने के बाद उन्हें रिहा किया गया था। बता दें कि परवेज एशियन फेडरेशन अगेंस्ट अनैच्छिक डिसअपीयरेंस (AFAD) के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर कोलिशन ऑफ़ सिविल सोसाइटी (JKCCS) के कार्यक्रम समन्वयक हैं। 2004 के संसदीय चुनावों की निगरानी के दौरान उन्होंने एक बारूदी सुरंग में अपना पैर गंवा दिया था।












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