Jammu Weather: जम्मू-कश्मीर में कोल्ड वेव का कहर, इस इलाके में माइनस 17°C पर पहुंचा तापमान
Jammu Weather: जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अपनी करवट पूरी तरह से बदल ली है और अब पूरी घाटी शीतलहर की चपेट में है। जैसे-जैसे दिसंबर का महीना अपने पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, कश्मीर घाटी में कुदरत का कड़ा पहरा दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों से आसमान साफ रहने के कारण रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
तापमान में गिरावट से 'फ्रीजिंग पॉइंट' के नीचे जाने वाले इलाकों की संख्या बढ़ती जा रही है। सुबह की शुरुआत अब घने कोहरे और सफेद पाले (Frost) की चादर के साथ हो रही है, जिसने न केवल यातायात बल्कि आम जनजीवन की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।

स्थानीय निवासियों के लिए यह समय अग्निपरीक्षा जैसा है, क्योंकि कड़ाके की ठिठुरन ने घरों के भीतर भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के पाइपों का जमना और सुबह-शाम ठंडी हवाओं का चलना अब आम हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो यह महज एक शुरुआत है; असली चुनौती तो 21 दिसंबर से शुरू होने वाली 40 दिनों की भीषण सर्दी यानी 'चिल्लई-कलां' के दौरान सामने आएगी।
घाटी में 'माइनस' वाली सर्दी
कश्मीर वेदर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, घाटी में इस सीजन की सबसे ठंडी रातों में से एक दर्ज की गई। अवंतीपोरा में पारा गिरकर -3.8°C तक पहुंच गया, जो पूरी घाटी में सबसे कम रहा। अन्य जिलों की स्थिति भी कुछ कम गंभीर नहीं है:
| जिला/इलाका | न्यूनतम तापमान |
| अवंतीपोरा | -3.8°C |
| पुलवामा | -3.2°C |
| बारामुला | -1.8°C |
| कुपवाड़ा | -1.0°C |
| श्रीनगर | 0.2°C (एयरपोर्ट पर 0.0°C) |
पर्यटन स्थलों और लद्दाख का हाल
पर्यटकों की पहली पसंद गुलमर्ग और पहलगाम में भी पारा जमाव बिंदु के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
- पहलगाम: 0.4°C
- गुलमर्ग: 1.6°C
- सोनमर्ग: 2.1°C
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थिति और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। लेह में न्यूनतम तापमान -3.4°C दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फीली हवाओं के कारण दिन में भी धूप बेअसर साबित हो रही है।
जम्मू संभाग: कटरा और राजौरी की स्थिति
कश्मीर के मुकाबले जम्मू संभाग में फिलहाल रातें थोड़ी कम सर्द हैं, लेकिन वहां भी तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखी जा रही है।
- जम्मू शहर: 11.0°C
- कटरा (वैष्णो देवी): 12.1°C
- राजौरी: 3.0°C (यहाँ ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है)
- भद्रवाह: 5.0°C
बर्फबारी का इंतजार: कब मिलेगी सूखे से राहत?
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर में लंबे समय से जारी सूखा मौसम (Dry Spell) जल्द ही खत्म हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद है कि 'चिल्लई-कलां' के आगाज़ के साथ ही घाटी के ऊपरी और मैदानी इलाकों में बर्फबारी या बारिश होगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि खेती और जल संसाधनों के लिए भी यह संजीवनी साबित होगी।
सावधानी बरतें: लगातार गिरते तापमान और पाले के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। सुबह और रात के समय वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।












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