क्या जम्मू की आड़ में कश्मीर में होगा बड़ा खेला? 71 दिन में 13 आतंकी घुसपैठ, 13 जवान शहीद, नक्शे में कहानी
Jammu Kashmir Terror Attack Hindi: जम्मू और कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत में 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से कभी शांत रहने वाला जम्मू गोलियों की आवाजों से गूंज रहा है। हाल के महीनों में जम्मू में आतंकवादी हमलों में इजाफा देखा गया है। लगातार घुसपैठ की कोशिशों की खबरें सामने आ रही हैं।
वहीं, भारतीय जवान आतंकियों के मंसूबों को नेस्तनाबूत करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अपने प्राणों की आहुति देने से पीछे नहीं हट रहे। पिछले 71 दिनों में अब तक जम्मू में 12 आतंकी चहल पहल देखी गई। जिसमें करीब 13 जवान शहीद हुए। हालांकि, जवानों ने आतंकियों को भी ढेर किया। क्या जम्मू की आड़ में कश्मीर में कुछ होगा बड़ा?

इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो, जम्मू से ज्यादा कश्मीर में आतंकी हमेशा सक्रिय रहे हैं। जम्मू में 2010 के बाद बड़े पैमाने पर घटनाएं सामने नहीं आईं। लेकिन, कश्मीर सुलगता रहा। कश्मीर के पुलवामा, उरी, श्रीनगर, कुलगाम जैसे इलाके दहशतगर्दों की दहशत से थर्राते रहे हैं। गोलियों की गूंज स्थानीय लोगों के लिए जीवन का हिस्सा सा बन गई। लेकिन, सवाल यह है कि अब 14 साल बाद अचानक आतंकियों का रूट डायवर्ट कैसे हो गया है? कहीं यह जम्मू की आड़ में कश्मीर में कुछ बड़ा प्लानिंग का हिस्सा तो नहीं? भारतीय सेना को जम्मू में उलझाकर कश्मीर को आतंकी अड्डा बनाने की फिराक में तो नहीं है।
हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने कार्यकाल में हर बार यह संकेत दे चुके हैं कि घाटी यानी कश्मीर में सब कुछ नियंत्रण में है। मिशन घाटी के तहत आतंकी घुसपैठियों का खात्मा हो चुका है। बॉर्डर पर पेट्रोलिंग बड़ा दी गई है। कहीं, इस वजह से कश्मीर छोड़ जम्मू आतंकियों के निशाने पर तो नहीं?
क्यों बढ़ी जम्मू में आतंकी गतिविधियां? 4 प्वाइंट में समझें
- जम्मू के क्षेत्र कश्मीर की तुलना में कम पहाड़ी वाले हैं। ज्यादातर सपाट हैं, जिससे घुसपैठ करना आसान हो जाता है। यह क्षेत्र अधिक सुलभ है और यहां घने जंगल आतंकियों के छिपने के लिए बेहतर साबित होते हैं।
- दूसरा, कश्मीर घाटी में भारी सुरक्षा बल तैनात हैं। जिसके कारण घुसपैठ करना मुश्किल है। वहीं, कश्मीर की तुलना में जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संख्या कम है।
- हाल के वर्षों में लद्दाख सीमा पर चीन के साथ तनाव के कारण कई सुरक्षा बलों को जम्मू क्षेत्र से हटाकर वहां तैनात किया गया है, जिससे जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा कमजोर हुई है।
- वहीं, आतंकवादी जम्मू के सीमावर्ती इलाकों से घुसपैठ करके वहां अपने नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं और फिर कश्मीर में बड़े हमले की योजना बना सकते हैं। स्थानीय सहयोगियों की मदद से आतंकवादी संगठन जम्मू में अपने ठिकानों को स्थापित कर सकते हैं।
नक्शे में क्रम वाइज समझें आतंकियों की घुसपैठ

जम्मू-
- पुंछ(4 मई)- वायु सेना जवान शहीद। पांच घायल।
- राजौरी(22 अप्रैल)- सरकारी कर्मचारी को गोली मारी।
- उधमपुर(28 अप्रैल)- विलेज गार्ड की हत्या।
- रियासी(9 जून)- तीर्थयात्रियों की बस बनी आतंकियों का निशाना। 9 लोग मारे गए।
- कठुआ(11 जून)- हीरानगर सेक्टर के सैदा सुखल गांव में आतंकी घुसपैठ। मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर।
- डोडा(12/26 जून)-सेना के अस्थायी ऑपरेटिंग बेस पर गोलीबारी। दो जवान घायल, एक आतंकी ढेर।
- राजौरी(7 जुलाई)- सेना के शिविर पर आतंकी हमला। एक जवान घायल।
- कठुआ(8 जुलाई)- सेना की गाड़ी को टारगेट। 5 जवान शहीद।
- राजौरी(10 जुलाई)- नौशेरा सेक्टर में आतंकी घुसपैठ।
- डोडा (15 जुलाई)- आतंकियों के साथ मुठभेड़, अधिकारी समेत 4 जवान शहीद।
कश्मीर-
- कुलगाम(6 जुलाई)- ले के चिनिगाम और मोदरगाम गांव में एनकाउंटर में 2 जवान लांस नायक प्रदीप नैन (पैरा कमांडो) और आरआर के हवलदार राज कुमार शहीद।
- कुपवाड़ा (18 जुलाई)- उत्तरी कश्मीर जिले के केरन सेक्टर में गोलीबारी। मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर।
संवेदनशील इलाके

- जम्मू- पुंछ, राजौरी, उधमपुर, रियासी, कठुआ, डोडा, कुलगाम, किश्तवाड़, नगरोटा, अरनिया
- कश्मीर- उरी, सोपोर, हंदवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा, श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा
जम्मू में हिंदू और मुस्लिम आबादी पर एक नजर?
जम्मू जिला
हिंदू आबादी: लगभग 84%
मुस्लिम आबादी: लगभग 7%
कठुआ जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 87%
मुस्लिम आबादी: लगभग 8%
उधमपुर जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 88%
मुस्लिम आबादी: लगभग 4%
राजौरी जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 37%
मुस्लिम आबादी: लगभग 58%
पुंछ जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 7%
मुस्लिम आबादी: लगभग 90%
किश्तवाड़ जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 35%
मुस्लिम आबादी: लगभग 58%
डोडा जिला:
हिंदू आबादी: लगभग 44%
मुस्लिम आबादी: लगभग 53%
(यहां क्लिक कर जानें पूरी जनसख्ंया का विवरण)
(यह जानकारी विभिन्न वेबसाइटों की खबरों के मुताबिक है, वनइंडिया इसपर दावा नहीं करता है।)












Click it and Unblock the Notifications