Jammu Kashmir: सरकार की छाया में रहकर करते थे आतंकियों की मदद, टेरर लिंक में 4 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त
Jammu Kashmir Terror Links: एक तरफ जहां सुरक्षा बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवाद के खात्मे के लिए घाटी में लगातार ऑपरेशन चला रही है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग आतंकी गतिविधियों में लिप्त नजर आ रहे हैं। ऐसे में जम्मू-कश्मीर सरकार ने एक्शन लेते हुए चार सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधों (Terror Link) के आरोप में डॉक्टर, कांस्टेबल समेत 4 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

चार सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का हवाला देते हुए चार सरकारी कर्मचारियों की सर्विस समाप्त कर दी हैं। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 311 के खंड (2) के प्रावधानों के उप-खंड (सी) के अनुसार किया गया, जो सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार देता है।
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में एक डॉक्टर, एक पुलिस कांस्टेबल, एक शिक्षक और उच्च शिक्षा विभाग का एक लैब बियरर शामिल है। हालांकि, सरकार ने उन आतंकवादी गतिविधियों की प्रकृति के बारे में खुलासा नहीं किया है, जिनमें ये व्यक्ति कथित रूप से शामिल थे।
जानिए कौन हैं बर्खास्त कर्मचारी
बर्खास्त किए गए लोगों की पहचान श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में सहायक प्रोफेसर (मेडिसिन) निसार-उल-हसन, कांस्टेबल अब्दुल मजीद भट, उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला कर्मी अब्दुल सलाम राठेर और शिक्षा विभाग में शिक्षक फारुख अहमद मीर के रूप में हुई है।
आपको बता दें कि पिछले तीन सालों में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने 50 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त करने का बड़ा कदम उठाया है, जो कथित तौर पर सरकार के भीतर छाया में काम कर रहे थे और सरकारी खजाने से वेतन ले रहे थे और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की मदद कर रहे थे।
ये लोग आतंकवादियों को रसद मुहैया करा रहे थे, आतंकवादियों की विचारधारा का प्रचार कर रहे थे और आतंकियों के लिए फंडिंग जुटाकर उनके एजेंडे को आगे बढ़ा रहे थे।












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