J&K: तीन दिनों में 4 आतंकी हमला, 2 जिलो में मुठभेड़, 6 पुलिसकर्मी, 1 CRPF का जवान घायल
जम्मू कश्मीर में पिछले चार दिनों से लगातार आतंकी हमला के बीच सरक्षा बलों और सेना का एक्शन तेज हो गया है। बीते 24 घंटों से दो जिलों कठुआ और डोडा में सुरक्षा बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवाना मोर्चा संभाले हुए हैं। इन मुठभेड़ के दौरान इस हफ्ते 6 पुलिसकर्मियों के अलावा एक सीआरपीएफ का जवान घायल हुआ है।
घाटी समेत जम्मू के क्षेत्र में इस हफ्ते बढ़ी आतंकी गतिविधयां एक बार फिर चिंता का विषय बनी हैं। 9 जून को पीएम मोदी के शपथ ग्रहण से एक घंटा पहले जम्मू-कश्मीर में शिव खोड़ी से कटरा जा रही बस पर 2 आतंकियों ने गोलीबारी की। ड्राइवर को गोली लगने पर 53 सीटर बस खाई में गिर गई। घटना में 9 लोगों की मौत हुई और 41 लोग घायल हुए। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध नहीं मिला।

रियासी हमले के बाद लगातार तीन और आतंकी घटनाएं सामने आईं। जिसको लेकर भारतीय सेना की 4 राष्ट्रीय राइफल्स (4RR) और स्थानीय पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) लगातार सर्च अभियान पर हैं। बुधवार को कश्मीर के डोडा में जिले में एक और मुठभेड़ हुई, जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया।
वहीं इन हमलों को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र को निशाने पर लिया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "अगर आतंकवादी संगठन उन चुनावों को पटरी से उतारने में सक्षम हैं, जिन्हें पीएम, एचएम और चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की 30 सितंबर की समय सीमा से पहले कराने की प्रतिबद्धता जताई है, तो कश्मीर में कोई लाभ नहीं होगा। इससे भी अधिक आश्चर्य की बात यह है कि यह एक सेना अधिकारी की ओर से आया है, जिसने देखा था कारगिल युद्ध के तुरंत बाद और 1999 में आतंकवाद के चरम के दौरान जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव हो रहे थे। कितनी शर्म की बात है!"












Click it and Unblock the Notifications