Jammu Kashmir Danger Zone: जम्मू-कश्मीर में फैली रहस्यमय बीमारी! 17 मौतें, 200 से ज्यादा लोग क्वारंटीन
Jammu Kashmir Danger Zone: जम्मू-कश्मीर के राजौरी स्थित बदहाल गांव में 17 लोगों की रहस्यमय बीमारी से मौत पहेली बनी हुई है। बीमारी ने न सिर्फ लोगों की जान ली है, बल्कि पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बना दिया है। मरने वालों में तीन परिवारों के 13 बच्चे भी शामिल हैं। सभी मृतकों में एक ही समान लक्षण पाए गए-मस्तिष्क में चोट और तंत्रिका तंत्र को नुकसान।
हालांकि, अभी तक इस बीमारी की असली वजह का पता नहीं चल सका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वहीं, 200 से ज्यादा लोग क्वारंटीन किए गए हैं। आइए, जानते हैं इस मामले से जुड़ी पूरी कहानी...

क्वारंटीन सेंटर में 200 से ज्यादा लोग
इस बीमारी के फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के संपर्क में आए 200 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन कर दिया है। इन लोगों को राजौरी के नर्सिंग कॉलेज और जीएमसी अस्पताल की इमारतों में बनाए गए विशेष क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इन सेंटरों में कड़ी सुरक्षा और निगरानी रखी जा रही है। गांव के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए प्रशासन ने बदहाल गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है।
मेडिकल इमरजेंसी की मांग
स्थानीय विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार से मेडिकल इमरजेंसी घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि हालात को संभालने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जम्मू के सरकारी अस्पताल में कुप्रबंधन के कारण कई मरीजों की हालत और खराब हो गई।
बीमारी की जांच जारी
बीमारी की असली वजह का पता लगाने के लिए एक केंद्रीय टीम काम कर रही है। अब तक 230 से ज्यादा नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। शुरुआती जांच में मृतकों के शरीर में न्यूरोटॉक्सिन (एक तरह का जहरीला पदार्थ) पाया गया है। पुलिस ने आपराधिक पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया है। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कदम
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों और गांव के लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की है। सामूहिक भोजन और समारोहों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। साथ ही, बीमार लोगों को जम्मू और चंडीगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट करके चंडीगढ़ भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राजौरी में फैली यह रहस्यमय बीमारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। सरकार और स्थानीय प्रशासन इसे रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इस स्थिति ने यह भी दिखा दिया कि हमारे स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है। लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अब समय की सबसे बड़ी मांग है।












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