Rashid Release: 'मैं मोदी के नए कश्मीर के खिलाफ लडूंगा', 5 साल बाद तिहाड़ से बाहर आए MP राशिद ने दिखाए तेवर
Jammu Kashmir Baramulla MP Engineer Rashid Release Tihar Jail: आतंकी फंडिंग मामले में 5 साल से तिहाड़ जेल में बंद बारामुल्ला के सांसद इंजीनियर राशिद को अंतरिम जमानत मिल चुकी है। बुधवार (11 सितंबर) को राशिद तिहाड़ जेल से बाहर आए। मीडिया से रूबरू होकर राशिद ने अपने बाहर आने का मकसद बयां किया।
राशिद ने बताया कि मैं अपने लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं शपथ लेता हूं कि मैं पीएम मोदी के 'नया कश्मीर' के नारे के खिलाफ लड़ूंगा, जो जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह विफल हो गया है।

अपनी गिरफ्तारी पर राशिद ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को उन्होंने जो कुछ भी किया, उसे लोगों ने नकार दिया है। मैं अपने लोगों के कल्याण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हम डरने वाले नहीं हैं। मेरी लड़ाई उमर अब्दुल्ला के बयानों से बड़ी है। उनकी लड़ाई कुर्सी के लिए है, मेरी लड़ाई लोगों के लिए है। मैं भाजपा का शिकार हूं, मैं अपनी आखिरी सांस तक पीएम मोदी की विचारधारा के खिलाफ लड़ूंगा...मैं कश्मीर अपने लोगों को एकजुट करने आ रहा हूं, उन्हें बांटने नहीं। मैं मोदी के नेरेटिव नए कश्मीर के खिलाफ लडूंगा।
आपको बता दें कि बीते दिन 10 सितंबर को दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने राशिद को आतंकी फंडिंग मामले में 2 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में प्रचार कर सकें। 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तारी के बाद से राशिद 2019 से जेल में है।
राशिद पर आतंकवादियों को फाइनेंसिंग मदद
राशिद का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली की जांच के दौरान सामने आया था, जिसे एनआईए ने कश्मीर में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को कथित रूप से वित्त पोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इस मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। मलिक को 2022 में निचली अदालत ने आरोपों में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
जेल में रहकर जीता था, 2024 लोकसभा चुनाव
राशिद ने इस साल की शुरुआत में बारामूला लोकसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को हराया था। उन्होंने 2008 और 2014 के जम्मू-कश्मीर चुनावों में लंगेट विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल की थी। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में असफलता हासिल की। राशिद अवामी इत्तेहाद पार्टी का नेतृत्व करते हैं, लेकिन उन्होंने ये चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ा था।
महबूबा मुफ्ती ने राशिद की पार्टी को बताया था BJP का प्रॉक्सी
बीती 9 सितंबर को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राशिद की पार्टी एआईपी पर निशाना साधा और इसे भाजपा का प्रॉक्सी कहा। उन्होंने कहा था कि मैं जानना चाहती हूं कि राशिद जेल में है। पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद को पार्टी बनाने में 50 साल लग गए, हमारे पास अभी भी हर जगह उम्मीदवार खड़े करने के लिए संसाधन नहीं हैं। उनके (इंजीनियर के) संगठन के पीछे कौन है? महबूबा ने कि उन्हें गुंडागर्दी करने की इतनी हिम्मत कहां से मिल रही है?












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