जम्मू-कश्मीर में Property Tax पर अनावश्यक हो- हल्ला, परामर्श के बाद ही होगा लागू: मनोज सिन्हा
जम्मू कश्मीर में संपत्ति कर लगाने के आदेश के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। जिसके बाद अब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रशासन के आदेश का बचाव किया है।

Property Tax in Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर पर में संपत्ति कर को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है किकि लोग संपत्ति कर पर अनावश्यक विरोध कर रहे हैं। इसे आम जनता के परामर्श के बाद ही लागू किया जाएगा। एलजी ने कहा कि संपत्ति कर शहरों की वित्तीय आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार लाने के लिए लागू किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को नगरपालिका क्षेत्रों में 1 अप्रैल से संपत्ति कर लगाने का आदेश दिया। इसको लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि प्रशासन की ओर प्रदर्शन में शामिल संगठनों, संस्थाओं ओर व्यक्तियों ये भरोसा दिलाया गया कि जम्मू कश्मीर में राज्य में लगने वाला टैक्स अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में काफी कम होगा। सरकारी अधिसूचना के अनुसार कर की दरें आवासीय संपत्तियों के लिए कर योग्य वार्षिक मूल्य का पांच प्रतिशत और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए छह प्रतिशत होंगी।
प्रशासन की ओर से कर वसूली में पारदर्शिता और टैक्स कम दरों का भरोसा दिलाए जाने के बावजूद राजनीतिक दलों ने इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। जम्मू बार एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने प्रशासन के इस निर्णय पर आपत्ति जताई। ऐसे में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक बयान में कहा, " संपत्ति कर वसूली आम जनता के परामर्श के बाद की जाएगी। आम नागरिकों के हितों की रक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। शहरों की वित्तीय आत्मनिर्भरता आवश्यक है। इससे केंद्र शासित प्रदेश में शहरों की स्थिरता और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा।"
Recommended Video

उपराज्यपाल सिन्हा (Manoj Sinha) ने संपत्ति कर के शुरूआती विरोध की आलोचना की। उन्होंने कहा, "हम हर सुविधा चाहते हैं लेकिन कुछ भी भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं। लोगों को इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि देश में सबसे कम संपत्ति कर होने के बावजूद लोग इस पर अनावश्यक हल्ला बोल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications