जम्मू-कश्मीर: राजौरी में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़, एक टेररिस्ट ढेर
श्रीनगर, 12 सितंबर। जम्मू-कश्मीर के राजौरी के थाना मंडी इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार को भीषण मुठभेड़ हुई। जम्मू और कश्मीर पुलिस के मुताबिक दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है, भारतीय जवानों ने आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है। सोना ने खूफिया जानकारी मिलने के बाद राजौरी के थाना मंडी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था जिसके बाद आतंकियों ने जवानों पर गोली बरसाना शुरू कर दिया। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है।

राजौरी में मुठभेड़ की यह 24 घंटे में दूसरी घटना है। इससे पहले रविवार की सुबह राजौरी जिला के डोरीमान में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस घटना में भारतीय जवानों ने एक आंतकी को ढेर कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को राजौरी जिले के थन्नमंडी क्षेत्र से एक ग्रेनेड बरामद किया था। इसके बाद तुरंत इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि देर रात सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया और अगले दिन सुबह राजौरी के छह गांवों में तलाशी अभियान छेड़ा गया। इस दौरान आगे बढ़ रहे सुरक्षाबलों पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी।
Encounter underway between security forces and terrorists in Thana Mandi area of Rajouri. Details awaited: Jammu & Kashmir Police
— ANI (@ANI) September 12, 2021
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आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान घायल मेजर मयंक हुए शहीद
जम्मू कश्मीर के शोपियां में 27 अगस्त को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में मयंक विश्नोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज उधमपुर के सैनिक अस्पताल में चल रहा था। जहां 16 दिन तक वह मौत से जंग लड़ते रहे और शनिवार (11 सितंबर) को हार गए। तो वहीं, मयंक विश्नोई की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मयंक, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले थे और 2010 में मेजर बने थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मयंक विश्नोई का पार्थिव शरीर रविवार (12 सितंबर) की सुबह मेरठ स्थित उनके आवास लाया जाएगा। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ शहीद मेजर को अंतिम विदाई दी जाएगी।












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