Flights Cancelled List: भारी बर्फबारी से जमा Kashmir! हजारों वाहन फंसे-58 फ्लाइट्स कैंसल-यहां देखें लिस्ट
Flights Cancelled List, 27 January 2026: जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को बर्फ की चादर में लपेट लिया है। श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम से भारी हिमपात हुआ।
इस मौसम की वजह से श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Srinagar International Airport) पर उड़ानें पूरी तरह ठप हो गईं, हजारों वाहन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंस गए, और रेल सेवाएं भी बाधित हो गईं। अधिकारियों का कहना है कि यह मौसम पिछले 25 सालों में सबसे भारी बर्फबारी में से एक है, खासकर पीर पंजाल पर्वतमाला में। इस एक्सप्लेनर में हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे यह बर्फबारी कश्मीर की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, क्या हैं इसके कारण, प्रभाव और आगे की स्थिति...

Srinagar Snowfall Reason: बर्फबारी का कारण और पैटर्न: पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, कश्मीर (Kashmir) में सोमवार (26 जनवरी 2026) शाम से शुरू हुई बर्फबारी पश्चिमी विक्षोभ के कारण है। यह विक्षोभ भूमध्य सागर से आता है और हिमालय क्षेत्र में ठंडी हवाओं और नमी को बढ़ावा देता है, जिससे भारी हिमपात होता है। श्रीनगर में रात भर हल्की लेकिन लगातार बर्फबारी हुई, जबकि गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर भारी हिमपात दर्ज किया गया। मध्य, उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के ज्यादातर जिलों में प्रभाव पड़ा, जहां मैदानी इलाकों में 5-10 सेंटीमीटर तक बर्फ जमी, और ऊंचे इलाकों में यह 30-50 सेंटीमीटर तक पहुंच गई।
आईएमडी ने चेतावनी जारी की है कि मंगलवार (27 जनवरी 2026)शाम तक कुछ क्षेत्रों में मध्यम से भारी बर्फबारी जारी रह सकती है, साथ ही तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा), गरज-चमक, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना है। बुधवार (28 जनवरी 2026)को भी छिटपुट बर्फबारी हो सकती है। जम्मू क्षेत्र में भी राजौरी, डोडा, किश्तवार जैसे जिलों में हिमपात हुआ, और पीर पंजाल में कोट्रांका-बुधाल इलाके में 25 साल की सबसे ज्यादा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतनी मोटी बर्फ की परत दशकों बाद देखी गई है, जो क्षेत्र को एक 'बर्फीले स्वर्ग' में बदल रही है, लेकिन साथ ही चुनौतियां भी पैदा कर रही है।
58 Flights Cancelled List: हवाई यातायात पर असर: 58 उड़ानें रद्द, यात्री फंसे
भारी बर्फबारी और कम दृश्यता के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे असुरक्षित हो गया, जिससे मंगलवार को सभी उड़ानें निलंबित कर दी गईं। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के एक अधिकारी ने बताया कि रनवे पर बर्फ जमने से विमान संचालन असंभव हो गया। कुल 58 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें 29 आने वाली और 29 जाने वाली शामिल हैं। सुबह 9 बजे तक ही 11 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं, जो बाद में बढ़कर 50 से ज्यादा हो गईं।
रद्द उड़ानों की सूची (एयरलाइन-वार):
- इंडिगो: 6 उड़ानें रद्द (श्रीनगर से दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों की)
- अकासा एयरलाइंस: 2 उड़ानें रद्द
- एयर इंडिया एक्सप्रेस: 3 उड़ानें रद्द
- कुल रद्द उड़ानें: 58 (29 आगमन, 29 प्रस्थान), जिसमें इंडिगो और एयर इंडिया की ज्यादातर उड़ानें शामिल
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने ट्वीट कर कहा, 'खराब मौसम के कारण आज सभी उड़ानें रद्द हैं। यात्री अपनी एयरलाइनों से संपर्क करें।' इस व्यवधान से सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं, जो गणतंत्र दिवस की छुट्टियों के बाद घर लौट रहे थे। एयरलाइंस यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्थाएं देने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन मौसम सुधरने तक देरी तय है। अगर आप प्रभावित हैं, तो एयरलाइन ऐप या हेल्पलाइन से अपडेट लें।
Road-Rail Traffic People Trapped In Kashmir: सड़क और रेल यातायात ठप: हजारों वाहन फंसे
बर्फबारी का सबसे ज्यादा असर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर पड़ा। काजीगुंड और बनिहाल के बीच सड़क बंद रही, जहां बर्फ हटाने का काम जारी है। सोमवार रात से हजारों वाहन फंस गए हैं, खासकर अनंतनाग और काजीगुंड इलाकों में। एक ट्रक ड्राइवर ने बताया, 'सुबह 9 बजे से रोक दिया गया, सड़क साफ थी लेकिन अब बर्फ जम गई है।' पुलिस और प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई हैं, लेकिन कम दृश्यता चुनौती बनी हुई है।
रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। बनिहाल और बुडगाम के बीच कई ट्रेनें रद्द की गईं, क्योंकि पटरी पर बर्फ जम गई। जम्मू-कश्मीर राज्य विकास प्राधिकरण (जेकेयूटीडीएमए) ने हिमस्खलन की चेतावनी जारी की: गांदरबल में उच्च खतरा, जबकि अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामूला, कुलगाम, कुपवारा, डोडा, किश्तवार, पुंछ, राजौरी और रामबन में मध्यम खतरा। 2,000 मीटर से ऊपर के इलाकों में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और सहायता: हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष
जिला प्रशासन सक्रिय है। उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने बताया कि थानामंडी और कोट्रांका में बिजली बहाली का काम रात तक पूरा होगा, और सड़कें 1-2 घंटे में खुल जाएंगी। राशन, पानी, बिजली, चिकित्सा और आपात सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस ने नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन स्थापित की हैं। यदि आप फंसे हैं, तो स्थानीय हेल्पलाइन पर संपर्क करें: श्रीनगर पुलिस - 100 या जेकेयूटीडीएमए हेल्पलाइन।
आगे की स्थिति: पर्यटन पर प्रभाव और सलाह
यह बर्फबारी पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है, क्योंकि गुलमर्ग (Gulmarg) और पहलगाम (Pahalgam) जैसे स्थान और आकर्षक हो गए हैं। लेकिन वर्तमान में यात्रा जोखिम भरी है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि बुधवार तक सुधार होगा, लेकिन सतर्क रहें। यात्रियों को सलाह: उड़ानें चेक करें, सड़क यात्रा से बचें, और मौसम ऐप्स का इस्तेमाल करें। यह घटना जलवायु परिवर्तन के संकेत भी देती है, जहां पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा तीव्र हो रहे हैं।
कश्मीर की यह बर्फबारी सुंदरता और संकट का मिश्रण है। अपडेट के लिए समाचार स्रोतों से जुड़े रहें। यदि आप प्रभावित हैं, तो सुरक्षित रहें और सहायता लें।












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