'लोग इधर-उधर भागने लगे, भयानक मंजर था', श्रद्धालुओं ने बताया रात 2.45 बजे वैष्णो देवी के दरबार में क्या हुआ?
श्रीनगर, 01 जनवरी। कोरोना वायरस संकट के बीच जहां दुनिया आने वाले नए साल का स्वागत नई उम्मीदों के साथ कर रही थी, उसी बीच भारत में न्यू ईयर की रात एक बड़ा हादसा हो गया। जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ से 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 13 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना न्यू ईयर की रात (31 दिसंबर-1 जनवरी) करीब 2.45 बजे हुई। नए साल के अवसर पर माता वैष्णों देवी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भवन के अंदर और बाहर मौजूद थी। हम आपको हादसे के चश्मदीदों द्वारा आखों-देखी हाल बताने जा रहे हैं।
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गेट नंबर 3 के पास हुआ हादसा
अब तक की अपडेट के मुताबिक घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है और माता वैष्णो देवी की यात्रा को भी कुछ देर के लिए रोक दिया गया था लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने पर यात्रा बहाल कर दी गई है। इस मामले में बताया जा रहा है कि घटना कटरा के बिल्डिंग एरिया में सुबह 2.45 बजे की है। घटना गेट नंबर तीन के पास हुई। दरअसल, नया साल था और शाम से ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर में जमा हो गए थे। वहां से निकलने तक का रास्ता नहीं बचा था।

'लोग इधर-उधर भागने लगे, बड़ा भयानक मंजर था'
चश्मदीदों ने बताया कि अचानक किसी हड़बड़ी में लोग इधर-उधर भागने लगे, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई। मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाली दीपाली ने बताया कि यह सब उनकी आंखों के सामने हुआ था। वह बहुत ही भयानक मंजर था, इसे देखकर दीपाली काफी डर गईं। दीपाली ने कहा, मैंने अपने पति से तुरंत नीचे चलने को कहा लेकिन वो आगे बढ़ते गए। वहां भारी भीड़ जमा थी, कोई पुलिस प्रशासन भी तैनात नहीं था। बीच में किसी ने भी यात्रा पर्ची की जांच नहीं की।

भगदड़ कैसे हुई?
इस घटना के बाद कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ऐसी भगदड़ कैसे हुई, इस पर अब सवाल उठ रहे हैं। उधर, पुलिस ने बताया कि भवन क्षेत्र में दर्शन के लिए आए कुछ लोगों में कहासुनी हो गई, देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गयी और भगदड़ मच गयी। वहीं गाजियाबाद से आए एक चश्मदीद ने बताया कि माता वैष्णो देवी भवन क्षेत्र में कुछ लोग दर्शन कर वहीं रुक गए, जिससे भीड़ जमा हो गई और लोगों को निकलने के लिए जगह नहीं मिली। एक छोटी सी जगह में बड़ी संख्या में लोग आ-जा रहे थे।

भगदड़ में लापता हुए कई लोग
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भगदड़ में उन्होंने अपने एक परिचित को भी खो दिया, जबकि उनके एक फैमिली मेंबर के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उधर, प्रखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ गोपाल दत्त ने बताया कि घायलों को नारायणा अस्पताल ले जाया गया है, कुल घायलों की भी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा, अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री राहत कोष में मृतकों को दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।

8 मृतकों की हुई पहचान
उधर, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने इस घटना को दुखद बताया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग की है। उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपए और घायलों को 2 लाख रुपए देने की भी घोषणा की है। अब तक 8 मृतकों की पहचान की जा चुकी है। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं- धीरज कुमार, स्वेता सिंह, विनय कुमार, सोनू पांडे, ममता, धर्मवीर, विनीतसिंह, अरुण प्रताप सिंह। इस हादसे पर कई राजनेताओं ने भी दुख जताया है।
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