Earthquake: एक बार फिर हिल उठा जम्मू-कश्मीर, भूकंप के झटकों से कांपे लोग
Earthquake in Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से भूकंप से झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.0 मापी गई है। बता दें कि ये बीते चार दिनों में यह तीसरा झटका है। इससे पहले 13 जून को भी 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके अलावा 14 जून को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। डोडा-किश्तवाड़ में स्कूल को बंद करने के निर्देश दिए गए थे।

भूकंप का केंद्र रामबन (Earthquake in Jammu Kashmir)
भूकंप का केंद्र जम्मू कश्मीर के रामबन (Ramban) में बताया जा रहा है। इसकी गहराई पांच किलोमीटर बताई गई है। बता दें कि भूकंप के लगातार झटके लगने से लोगों में दहशत का माहौल है। बीते चार दिनों में तीसरी बार लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुकानदारों के बीच भी दहशत देखी गई।
इससे पहले 13 जून को भी आया था भूकंप
इससे पहले 13 जून को भी जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और डोडा में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। किश्तवाड़ से 30 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में भूकंप का एपिक सेंटर बताया गया था। रिक्टर पैमाने पर भूक्रंप की तीव्रता 5.7 थी। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घर से बाहर निकल गए थे। बच्चों और महिलाओं में खासा डर देखा गया था।
क्यों आता है भूकंप?
भूकंप के आने के पीछे धरती के अंदर प्लेटों का टकरना कारण है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर एक दूसरे से टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
इन राज्यों में भूकंप का सबसे अधिक खतरा रहता है
जोन 5 में जम्मू और कश्मीर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, बिहार, असम, मणिपुर, नागालैंड, और अंडमान और निकोबार हैं। इन्हीं राज्यों में सबसे अधिक भूकंप आता है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी देश में और आसपास भूकंप की निगरानी के लिए नोडल सरकारी एजेंसी है।












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