जम्मू-कश्मीर: अप्रैल के अंत तक फाइनल रिपोर्ट सौंपेगा परिसीमन आयोग, उसके बाद चुनाव पर फैसला

नई दिल्ली, 12 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद मोदी सरकार ने लद्दाख को अलग कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था। जिस वजह से विधानसभा क्षेत्रों का दोबारा से परिसीमन करना पड़ रहा है। उम्मीद जताई जा रही कि अप्रैल के अंत तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप देगा। इसके बाद वहां पर चुनाव करवाने का अंतिम फैसला होगा। सूत्रों ने बताया कि केंद्र द्वारा सुरक्षा समेत सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही ये फैसला लिया जाएगा।

Delimitation

मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिपोर्ट कानून और न्याय मंत्रालय को सौंपी जाएगी, क्योंकि उन्होंने आयोग को अधिसूचित किया था। इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन करवाया जाएगा। फिर तीन-चार महीनों के बाद ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किए जाएंगे और घर-घर जाकर उनका सत्यापन होगा। उन्होंने कहा कि इस सारी प्रक्रिया के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जा सकती है। जिसमें सबकी राय ली जाएगी।

बीजेपी कार्यकर्ता हो गए थे नाराज
वहीं पिछले महीने परिसीमन आयोग के एक प्रस्ताव से नाराजगी फैल गई थी, जिसके बाद सुचेतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी की पूरी इकाई ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान आयोग ने विधानसभा को आरएस पुरा निर्वाचन क्षेत्र के साथ विलय करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि बाद में ये प्रस्ताव वापस हो गया।

इन हिस्सों में भी नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक सुचेतगढ़ एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र है, जिस वजह से लोगों में आयोग के फैसले को लेकर नाराजगी थी। इसी तरह राजौरी, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिलों के कुछ हिस्सों में भी लोग नाराज हैं। वहां पर भी परिसीमन आयोग कई बदलाव कर रहा है।

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