श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर पहुंची पवित्र छड़ी मुबारक यात्रा, हरियाली अमावस्या पर हुआ विशेष पूजन
जम्मू, 8 अगस्त: कोरोना महामारी की वजह से इस साल भी पवित्र अमरनाथ यात्रा को रद्द करना पड़ा था। हालांकि प्रशासन ने उससे जुड़ी रस्मों को पूरा करने की इजाजत दी थी। इसी के तहत पहलगाम में दरिया लिद्दर किनारे 24 जुलाई को छड़ी मुबारक का भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण का अनुष्ठान हुआ। इसके बाद सांकेतिक रूप से यात्रा शुरू हुई। वहीं 8 अगस्त को हरियाली अमावस्या पर छड़ी मुबारक यात्रा श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर पहुंची।

कोरोना महामारी और घाटी में आतंकी गतिविधियों को देखते हुए यात्रा के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। छड़ी मुबारक के शंकराचार्य मंदिर में पहुंचने पर सभी रस्मों को पूरा किया गया। अब 9 तारीख को सुबह इसे हरि पर्वत श्रीनगर स्थित मां शारिका भवानी के मंदिर में पूजा अर्चना के लिए लेकर जाया जाएगा। उसके बाद 11 तारीख को दशनामी अखाड़ा में स्थित श्री अमरेश्वर मंदिर में छड़ियों का पूजन कर उसे वहां पर स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन के मुताबिक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए श्रद्धालु श्री अमरेश्वर मंदिर में छड़ियों का दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद 13 अगस्त को विशेष पूजन के बाद छड़ी मुबारक यात्रा दशनामी अखाड़े से पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करेगी। फिर परंपरा के मुताबिक दो दिन पहलगाम और चंदनबाड़ी में यात्रा विश्राम करेगी। जहां से सभी धार्मिक रीति-रिवाजों को पूरा करते हुए यात्रा 22 अगस्त को अमरनाथ गुफा में पहुंचेगी। संतों के मुताबिक अगर सरकार की ओर से हेलीकाप्टर सुविधा प्रदान की गई, तो यात्रा में कुछ बदलाव हो सकता है।












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