J&K Election: पूर्व न्यायाधीश मुजफ्फर इकबाल खान लड़ेंगे चुनाव, थन्नामंडी विधानसभा से होंगे स्वतंत्र उम्मीदवार
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस रहे हैं, कई दलों ने शुरुआती चरण के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतर रहे हैं, जो अपनी छाप छोड़ने की उम्मीद कर रहे हैं। इनमें पूर्व न्यायाधीश और नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व वरिष्ठ नेता मुजफ्फर इकबाल खान भी शामिल हैं, जो थन्नामंडी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे।
मुजफ्फर इकबाल खान ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ अपने लंबे समय से जुड़े होने का जिक्र करते हुए कहा कि मैं बचपन से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस की विचारधाराओं से जुड़ा रहा हूं। मेरे पूर्वज नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे। मैंने भी इसकी नीतियों का पालन किया। मैंने इस पार्टी को खड़ा करने के लिए कड़ी मेहनत की। हालांकि, उन्होंने मुझे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जब मैंने यहां के लोगों की हालत देखी तो मैंने फैसला किया कि मैं उनके लिए चुनाव लड़ूंगा, मैं थन्नामंडी के युवाओं का आभारी हूं। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।

इधर शनिवार को चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर जम्मू जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) आनंद जैन (आईपीएस) ने जम्मू जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक जम्मू के जिला पुलिस लाइन में हुई और इसमें डीआईजी जेएसके रेंज शिव कुमार शर्मा (आईपीएस) और एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह (जेकेपीएस) जैसे प्रमुख अधिकारियों के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय एसएसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, आईसी पीपी और आईसी बीपीपी शामिल हुए।
#WATCH | Rajouri, J&K: Former Judge and former senior NC leader Muzaffar Iqbal Khan to contest as an independent candidate from Thannamandi Assembly constituency.
— ANI (@ANI) September 1, 2024
He says, "I had been associated with the National Conference's ideologies since my childhood. My ancestors were… pic.twitter.com/xkd4DpYFOg
इस बैठक के दौरान एडीजीपी आनंद जैन ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए। इस दौरान आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
बैठक के दौरान एडीजीपी ने तैनाती योजनाओं की समीक्षा की और किसी भी घटना को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसी भी सुरक्षा खतरे को टालने के लिए समय पर खुफिया जानकारी जुटाने और सूचना साझा करने के महत्व पर जोर दिया। जिले में समग्र कानून और व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया गया, साथ ही जनशक्ति, रसद और संसाधनों के मामले में पुलिस की तैयारियों का भी आकलन किया गया।
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