J&K Vidhan sabha chunav 2024: उमर अब्दुल्ला गांदरबल से लड़ेंगे चुनाव, जानिए क्याें इसी सीट को चुना?
J&K Vidhan sabha chunav 2024: जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। जिसके बाद पार्टियां चुनाव प्रचार के साथ विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान शुरू कर दिया है। वहीं अब जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बार के विधानसभा चुनाव में गांदरबल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
हालांकि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने से नाराज होकर पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने 27 जुलाई, 2020 को ऐलान किया था कि जब तक जम्मू-कश्मीर का स्पेशल दर्जा बहाल नहीं किया जाता तब तक वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगे। लेकिन अब चुनाव आयोग के कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही वो अपना मूड बदल चुके है।

मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जो 32 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है उसमें उमर अब्दुल्ला का नाम भी शामिल था और वो गांदरबल से चुनाव लड़ रहे हैं। आइए जानते हैं इस सीट के बारे में और क्यों उमर अब्दुल्ला ने इसी सीट का चुनाव लड़ने के लिए चुना?
उमर अब्दुल्ला ने क्यों चुनी ये सीट?
कश्मीर की गांदरबल विधानसभा सीट फारुख अबदुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी का प्रमुख गढ़ मानी जाती जाती है। ये वो सीट है जहां से अब्दुल्ला परिवार की तीन पीढ़ियों चुनती आई हैं।
चार बार इसी सीट से जीत चुके हैं चुनाव
सबसे पहले गांदरबल सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने 1977 में चुनाव जीता था। इसके बाद उनके बेटे फारूक अब्दुल्ला ने 1983, 1987 और 1996 में जीत हासिल की। उमर अब्दुल्ला बाद में 2008 में भी इसी सीट से चुनाव जीते थे। यानी नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी की ये सुरक्षित सीट है।
2014 में कौन जीता था गांदरबल सीट से चुनाव?
वहीं 2014 के चुनाव में शेख इशफाक जब्बार ने गांदरबल सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर जीती थी। जबकि शेख इशफाक जब्बार दो से ज्यादा बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ रही नेशनल कॉन्फ्रेंस चुनाव
बता दें जम्मू-कश्मीर में फारुख अदुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस साथ गठबंधन कर विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। सोमवार को दोनों ही पार्टियों के बीच जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ और लिस्ट को अंतिम रूप दिया गया।
तय हुआ सीटों का बंटवारा
नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस दोनों के बीच सीट शेयरिंग का जो फार्मूला तय हुआ है उसके लिहाज से नेशनल कॉन्फ्रेंस 51 सीटों पर और कांग्रेस 32 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि पांच सीटों पर दोस्त के तौर पर मुकाबला होगा। वहीं दो अन्य सीटें सहयोगी दलों, सीपीआई (एम) और नेशनल पैंथर्स पार्टी के लिए आरक्षित की गई हैं।












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