Anti Reservation Protest: महबूबा ने सीएम उमर अब्दुल्ला और NC दोनों को घेरा और लगाया ये आरोप
Anti Reservation Protest: पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरक्षण वाले मुद्दे को संसद में उठाने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस (NC) के सांसदों को घेरने की कोशिश की है। मंगलवार को पीडीपी चीफ ने कहा है कि अधिकारों का आवंटन जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए।
श्रीनगर में न्यूज एजेंसी एएनआई से महबूबा ने कहा, 'हम सिर्फ यही कह रहे हैं कि अधिकार आबादी के आधार पर दिए जाने चाहिए। हम नहीं कह रहे हैं कि किसी का अधिकार छीन लिया जाए। नेशनल कांफ्रेंस ने लोकसभा चुनावों में यही वादा करके वोट लिए थे कि उनके सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे, लेकिन उन्होंने इसपर चर्चा नहीं की।'

Anti Reservation Protest: कोर्ट के फैसले का इंतजार न करें सीएम, खुद समाधान करें-महबूबा
पीडीपी चीफ ने ओपन मेरिट वाले उम्मीदवारों के लिए उचित सीटें सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा, 'कल जब युवा प्रदर्शन कर रहे थे और मुख्यमंत्री के पास गए, उन्होंने क्या कहा? उन्होंने उनसे 6 महीने इंतजार करने को कहा, इस दावे के साथ कि तब तक अदालत का फैसला आ जाएगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर आपको (नेशनल कांफ्रेंस) 50 सीटें मिलने के बाद लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और आप फिर भी उनसे इंतजार के लिए कह रहे हैं, तब आपकी जिम्मेदारी क्या है? मुझे लगता है कि कोर्ट के फैसले का इंतजार करने के बजाए मुख्यमंत्री को इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए।'
Anti Reservation Protest: आरक्षण प्रणाली न्यायसंगत हो, भेदभावपूर्ण नहीं- इल्तिजा मुफ्ती
नई आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग को लेकर सोमवार को जब हजारों छात्र जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के श्रीनगर वाले आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, तब उसमें महबूबा की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती भी उसमें शामिल हुई थीं।
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इल्तिजा मुफ्ती ने कहा था, 'हम यहां राजनीति करने नहीं आए हैं। जम्मू और कश्मीर में राजनीति अक्सर आर्टिकल 370 और राज्य का दर्जा बहाली के आसपास घूमती है, लेकिन युवाओं की चिंता कोई नहीं करता। उनकी मांगे बहुत ही मूल हैं, आरक्षण प्रणाली निश्चित तौर पर न्यायसंगत हो, भेदभावपूर्ण नहीं। हमें उम्मीद है कि सरकार जो बहुत भारी बहुमत के साथ सत्ता में आई है और जिसने आरक्षण को न्यायसंगत बनाने का वादा किया है, समय-सीमा तय करके अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगी।'
Anti Reservation Protest: नेशनल कांफ्रेंस के सांसद ने अपनी ही सरकार को दी चेतावनी!
छात्राओं के इस प्रदर्शन ने तब सुर्खियां बटोरी थी, जब श्रीनगर से सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी भी छात्रों के प्रदर्शन में पहले से घोषणा करके शामिल हुए और सीएम आवास के बाहर आदिवासियों और ओबीसी समुदायों के लिए बढ़ाए गए आरक्षण की सीमा का विरोध किया।
उनका कहना था, 'लोगों की अपेक्षाओं को निश्चित तौर पर प्राथमिकता मिले। हमें उम्मीद है कि सरकार हमें सुनेगी और इन चिंताओं का समाधान करेगी। हम अपने द्वारा चुनी हुई सरकार से लोगों के लिए काम करने की अपील करते हैं। हमने आपके माध्यम से डिक्टेटरशिप (जम्मू और कश्मीर सरकार) को बदल दिया है और अब हम कार्रवाई चाहते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम अराजकता नहीं चाहती, लेकिन हमने यहां दंडात्मक शांति देखी है। अगर छात्रों को लगता है कि आरक्षण पर चर्चा की जरूरत है, उन्हें विभाजनकारी के रूप में क्यों पेश किया जा रहा है? मैं इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए इल्तिजा मुफ्ती को धन्यवाद देता हूं।'
Anti Reservation Protest: संवाद का चैनल बिना किसी बिचौलिए या दलाल के खुला रहेगा-मुख्यमंत्री
इस प्रदर्शन के बाद ही मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने छात्रों को अपने दफ्तर में बातचीत के लिए बुलाया था। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज मैं ओपन मेरिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मिला। लोकतंत्र की सुंदरता सुनने के अधिकार और आपसी सहयोग के साथ चर्चा में निहित है। मैंने उनसे कुछ गुजारिशें की हैं और कई तरह के आश्वासन दिए हैं। संवाद का यह चैनल बिना किसी बिचौलिए या दलाल के खुला रहेगा।'
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इस साल विधानसभा चुनावों से पहले जम्मू और कश्मीर की आरक्षण नीति में उपराज्यपाल के शासन के दौरान तब्दीली की गई थी। इसके तहत सामान्य वर्ग का कोटा घटा दिया गया था और आदिवासियों और ओबीसी समुदायों को रोजगार और शिक्षण संस्थानों में मिलने वाला आरक्षण का कोटा बढ़ा दिया गया था। आंदोलनकारी इसी नीति को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।












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