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Amarnath Yatra: 10 जुलाई, 2017 की वो काली शाम, जब पूरे देश में पसर गया था मातम

पवित्र अमरनाथ यात्रा में 10 जुलाई, 2023 को सावन मास की पहली सोमवारी है। ठीक 6 साल पहले इसी दिन पवित्र यात्रा के दौरान भी सावन की सोमवारी पड़ी थी। उस दिन अमरनाथ गुफा से पवित्र शिवलिंग का दर्शन करके लौट रहे तीर्थयात्रियों की एक बस पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया था।

इस हमले में 8 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और कम से कम 18 जख्मी हुए थे। तीर्थयात्रियों से भरी ये बस (GJ09Z9979) तीर्थ यात्रा पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बालटाल से लेकर वापस लौट रही थी। तभी अनंतनाग के पास उसपर हमला कर दिया गया।

amarnath yatra attack 2017

अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुआ था आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के बटेंगू के पास जब पहले से घात लगाए बैठे आतंकवादियों ने बस पर चारों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू की उस समय रात के करीब सवा 8 बज रहे थे। बस में 60 से 70 तीर्थयात्री सवार थे। 5 महिला तीर्थयात्रियों समेत सात की तो उसी दिन मौत हो गई थी। एक जख्मी यात्री ने 16 जुलाई, 2017 को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

बस में ज्यादातर तीर्थयात्री गुजरात के थे
जिस जगह यह हमला हुआ था, वह जम्मू और कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 65 किलोमीटर दूर था। बस में सवार ज्यादातर तीर्थयात्री गुजरात के रहने वाले थे। इनके अलावा महाराष्ट्र और तेलंगाना के श्रद्धालु भी इस बस से यात्रा कर रहे थे।

3 से 5 की संख्या में थे आतंकी
बस पर हमला करने वाले आतंकियों की संख्या 3 से 5 बताई जाती है। जानकारी के मुताबिक बस के ड्राइवर की सूझबूझ से कुछ तीर्थयात्रियों की जान बची नहीं तो हताहतो की संख्या और भी ज्यादा हो सकती थी। आतंकवादी असॉल्ट राइफलों से निहत्थे श्रद्धालुओं पर गोलियां बरसा रहे थे। वह पूरी तरह से असहाय हो गए थे।

amarnath yatra attack 2017

पूरे देश में पसर गया था मातम
इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौर गई थी। देशवासियों में घटना के खिलाफ भारी गुस्सा था। कई जगह अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले के विरोध में मशाल जुलूस भी निकाले गए। पीएम मोदी ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की इस कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा था कि दहशतगर्दों के ऐसे अपवित्र इरादों से भारत डरने वाला नहीं है।

लश्कर का सामने आया था हाथ
तब केंद्र सरकार ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 7-7 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए सहायता राशि देने का ऐलान किया था। बाद में जब इस घटना की जांच की गई तो पता चला कि इसमें पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था।

दरअसल, अमरनाथ यात्रियों पर हमले का पाकिस्तानी मकसद देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का था। लेकिन, इन विपरीत परिस्थितियों में पूरे देश ने इस घटना के खिलाफ जिस तरह से एकजुटता का परिचय दिया, वह काबिल-ए-तारीफ है। समाज के हर वर्ग की ओर से इस जघन्य वारदात की कड़ी निंदा की गई।

amarnath yatra 2023

इस साल 31 अगस्त तक चलेगी यात्रा
हर वर्ष की तरह इस साल भी पवित्र अमरनाथ यात्रा चल रही है। सावन मास में हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में स्थित पवित्र शिवलिंग के दर्शन के लिए हजारों तीर्थयात्री मौसम की विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए पहुंचते हैं। हिंदुओं में ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु सावन में भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने में सफल हो जाता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति सुनिश्चित है।

amarnath yatra 2023

इस साल यह यात्रा 1 जुलाई, 2023 से शुरू हुई है और 31 अगस्त, 2023 तक चलेगी। पवित्र अमरनाथ गुफा हिमालय पर करीब 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और श्रीनगर से लगभग 141 किलोमीटर दूर है।

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