अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद कितने कश्मीरी प्रवासी वापस लौटे? मोदी सरकार ने दी जानकारी
नई दिल्ली, 11 अगस्त। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से कुल 520 प्रवासी प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत रोजगार के लिए घाटी में लौट आए हैं। केंद्र सरकार ने संसद में एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म किए हुए दो साल हुए हैं।

520 प्रवासी कश्मीरी लौटे वापस
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में ये खुलासा किया है कि अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद से अब तक कुल 520 प्रवासी प्रधानमंत्री विकास पैकेज-2015 के तहत नौकरी लेने के लिए जम्मू कश्मीर में लौट आए हैं।
राज्य सभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री ने बताया कि "जम्मू-कश्मीर प्रवासी अचल संपत्ति अधिनियम, 1997 के तहत, संबंधित जिलों के डीएम प्रवासियों की अचल संपत्तियों के कानूनी संरक्षक हैं, जो अतिक्रमण के मामलों में बेदखली की कार्यवाही पर कार्रवाई करते हैं।

संपत्ति के लिए डीएम से कर सकते हैं अपील
दरअसल गृह मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या सरकार ने उन हिंदुओं से ऐसे अनुरोध प्राप्त करने के लिए कोई प्राधिकरण नियुक्त किया है जो अपनी चल और अचल संपत्ति वापस पाने के लिए जम्मू-कश्मीर लौट आए हैं। गृह राज्य मंत्री ने जवाब में बताया प्रवासी ऐसे में मामलों में जिलाधिकारी से अनुरोध कर सकते हैं।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म हुए अब दो साल बीत चुके हैं। केंद्र सरकार ने जब 5 अगस्त 2019 को राज्य से 370 को खत्म कर इसे दो भागों में विभाजित करके केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था तो उम्मीद जताई गई थी कि इससे घाटी में आतंकवाद के चलते अपना घर-बार छोड़कर अपने ही देश में शरणार्थी बन चुके लोगों की वापसी की राह आसान होगी। उस समय मोदी सरकार ने ये भी कहा था कि वह घाटी में आतंक के चलते पलायन करने वाले लोगों की वापसी को लेकर भी सक्रियता से काम करेगी। अब जब दो साल गुजर गए हैं तो कितने शरणार्थी जम्मू-कश्मीर में वापस लौटे हैं इस बारे केंद्र सरकार ने सदन को जानकारी दी है।

दो लोग खरीद चुके हैं अब तक संपत्ति
इसके पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सदन को जानकारी दी थी कि राज्य में अनुच्छेद खत्म होने के बाद से अब तक केंद्र शासित प्रदेश के बाहर रहने वाले दो लोगों ने वहां पर संपत्ति खरीदी है। दरअसल अनुच्छेद खत्म होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदने संबंधी कानून में भी बदलाव किया गया था जिसके बाद जम्मू कश्मीर में बाहरी लोगों के सम्पत्ति खरीदने पर लगी रोक खत्म हो गई है। अब राज्य में देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले व्यक्ति संपत्ति खरीद सकते हैं। इसी को लेकर पूछे गए सवाल में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पिछले गुरुवार को बताया था कि जम्मू और कश्मीर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश में अब तक बाहर के सिर्फ दो लोगों ने ही संपत्ति खरीदी है। हालांकि सरकार ने इन दोनों व्यक्तियों के नामों का खुलासा नहीं किया है।












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