राजस्थान में सियासी संकट के बीच क्या है पायलट खाचरियावास की मुलाकात के मायने, जानिए विस्तार से

जयपुर, 5 अक्टूबर। राजस्थान के राजनीतिक संकट के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार रात गहलोत सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से उनके आवास पर मुलाकात की। खाचरियावास प्रदेश में 25 सितंबर को कांग्रेस के सियासी घटनाक्रम में गहलोत खेमे की तरफ से अहम भूमिका निभाने वाले विधायक हैं। खाचरियावास ऐसे मंत्री हैं। जिन्होंने सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने को लेकर तीखे प्रहार किए थे। प्रदेश में मौजूदा सियासी घटनाक्रम के बीच दोनों नेताओं की इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साल 2020 में गहलोत सरकार पर आए संकट के बाद प्रताप सिंह खाचरियावास गहलोत खेमे में शामिल हो गए थे। हालांकि खाचरियावास ने पायलट के साथ हुई कोई भी बातचीत के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद खाचरियावास मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम अशोक गहलोत से मिलने पहुंचे। इसे लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है।

दिल्ली से लौटने के बाद खाचरियावास के आवास पर पहुंचे पायलट

दिल्ली से लौटने के बाद खाचरियावास के आवास पर पहुंचे पायलट

सचिन पायलट दिल्ली से लौटने के बाद देर शाम गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं की तकरीबन डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इसके बाद सोमवार को प्रताप सिंह खाचरियावास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करने पहुंचे। सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पायलट से बातचीत करना कोई नई बात नहीं। क्योंकि वह और पायलट विधानसभा में एक ही बेंच पर बैठते हैं। हालांकि लंबे समय के बाद यह मुलाकात हुई है। वे आपस में बात करते रहते हैं। अगर पायलट मेरे घर आएंगे तो जाहिर है। हम भजन कीर्तन करेंगे नहीं। सारी बातें करेंगे। हमने हर चीज के बारे में बात की और हमने जो बात की है। यहां साझा करने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मिला हूँ। मैं सरकार में मंत्री हूँ और सीएम से मिलना जुलना भी होता रहता है।

गहलोत समर्थक विधायकों ने किया था विधायक दल की बैठक का बहिष्कार

गहलोत समर्थक विधायकों ने किया था विधायक दल की बैठक का बहिष्कार

राजस्थान में 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक आहूत की गई थी। गहलोत समर्थक विधायकों ने बैठक का बहिष्कार कर मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर समानांतर बैठक कर ली थी। इसके बाद से प्रदेश की सियासत गर्मा गई थी। इस बैठक को सीएम बदलने की कवायद के तौर पर देखा गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अशोक गहलोत का नाम सबसे आगे था। दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। जयपुर में गहलोत समर्थक विधायकों ने पायलट को सीएम बनाने के विरोध में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। गहलोत समर्थक विधायकों का तर्क था कि जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाने में सहयोग किया था। उनमें से किसी को भी मुख्यमंत्री बना दिया जाए।

मंत्री राजेंद्र गुढ़ा बोले खाचरियावास का दिल पायलट के साथ

मंत्री राजेंद्र गुढ़ा बोले खाचरियावास का दिल पायलट के साथ

गहलोत सरकार के मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सचिन पायलट के आवास पर पहुंचे। पायलट के साथ बैठक के बाद गुढ़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रताप सिंह खाचरियावास का दिल पायलट के साथ है। मैं प्रताप सिंह खाचरियावास को लंबे समय से जानता हूँ। वह मिलनसार व्यक्ति हैं। उनका दिल पायलट के साथ है। गुढ़ा का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया हैजिसमें वह लोगों को यह कहते हुए दिख रहे हैं कि पायलट की छवि खराब करने की साजिश रची गई थी। उन्होंने पायलट के धैर्य की प्रशंसा करते हुए उनकी तुलना अभिमन्यु से की है। गहलोत के करीबी माने जाने वाले मंत्री गुढ़ा ने हाल ही में सचिन पायलट के समर्थन में बयान दिया है।

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