Rajasthan New Districts Population: राजस्थान में अब 50 जिलों की औसत आबादी कितनी हो गई?
राजस्थान में 50 जिले बनने के बाद अब हर जिले की औसत आबादी 15.5 लाख और औसत क्षेत्रफल 260 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
Rajasthan New Districts News: राजस्थान में 19 नए जिलों का गठन कर दिया गया है। सीमांकन भी हो गया। नए नक्शे भी जारी हो गए। 19 जिलों का भूगोल व इतिहास सब बदल गया। आमजन के पते भी बदले हैं।

4 अगस्त 2023 को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के मंत्रीमंडल की 19 नए जिलों के गठन को मंजूरी मिलने के बाद राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि आजादी के बाद यह सबसे बड़ा पुनर्गठन है। राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के जिलों का इतिहास और भूगोल उसी तरह से बदला है, जिस तरह से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बदला था।
राजस्थान के राजस्व मंत्री रामलाल जाट के अनुसार अब प्रदेश में 50 जिले हो गए और एक जिले की औसत आबादी 15.5 लाख व क्षेत्रफल 260 वर्ग किलोमीटर हो गया है। हालांकि सांख्यिकी विभाग के अनुसार 2022/2023 में राजस्थान की कुल जनसंख्या 78,230,816 है जबकि पिछली जनगणना 2011 में यह आंकड़ा 68,621,012 था।
राजस्थान में नए जिले बनने से क्या फायदा?
राजस्थान की मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने कहा कि एक जिले में कलेक्टर करीब 90 समितियों का अध्यक्ष होता है। उसके पास कार्यभार अधिक होता है। ऐसे में वह चाहकर जिलों के साथ न्याय नहीं कर पाता। 19 नए जिले बनने से राजस्थान गुड गवर्नेंस का मॉडल बन जाएगा। छोटा जिला होगा तो प्रशासन प्रभावी कार्य कर पाएगा।
इन 14 जिलों को नहीं छेड़ा
राजस्थान में 19 नए जिले पहले से मौजूद 33 जिलों को तोड़कर बनाए गए हैं। इनमें भी खास बात यह है कि 14 जिलों को छेड़ा ही नहीं गया। मतलब उनका कोई गांव-कस्बा टूटकर दूसरे नए जिले में नहीं गए। ऐसे जिलों में बूंदी, कोटा, झालावाड़, बारां, चूरू, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और सिरोही शामिल है।
.... तो क्या राजस्थान में और बनेंगे नए जिले?
राजस्थान में लंबे समय से नए जिलों की मांग उठ रही थी। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भी लगातार भेजे जा रहे थे। नए जिलों के प्रस्तावों पर मंथन करने के लिए राजस्थान सरकार ने पूर्व आईएएस रामलुभाव की देखरेख में कमेटी बना रखी थी, जिसकी सिफारिश पर मार्च 2023 में एक साथ 19 नए जिले बना दिए गए।
नए जिलों के गठन को मंजूरी के मौके पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में और नए जिलों का रास्ता अभी खुला है। रामलुभाया कमेटी का कार्यकाल छह माह बढ़ाया गया है।












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