Rajasthan में जन आक्रोश यात्रा के बहाने भाजपा नेताओं की टिकट यात्रा, जानिए पूरी वजह
राजस्थान में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा विधानसभा चुनाव के टिकट के दावेदारों की यात्रा बन गई है। प्रदेश में इस यात्रा के जरिए पार्टी के दावेदारों ने मुंह निकालना शुरू कर दिया है।

Rajasthan में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा के बहाने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के ज्यादातर दावेदार सामने आ रहे हैं। यात्रा के चुनिंदा रथो में सवार कई चेहरे संबंधित क्षेत्र से दावेदारी करना चाहते हैं। भाजपा ने एक दिसंबर से प्रदेश में जन आक्रोश यात्रा की शुरुआत की थी। यात्रा के दौरान शहर और देहात के कार्यक्रम रखे गए थे। इस यात्रा के जरिए भाजपा प्रदेश की गहलोत सरकार के खिलाफ हल्ला बोल करने वाली थी। लेकिन यह यात्रा उस वक्त पूरी तरह विफल हो गई। जब जमीन पर पहुंची। कहने को तो इस यात्रा का जिम्मा संगठन के पास था। लेकिन टिकट के दावेदार इस यात्रा और इसके रथों पर हावी नजर आए।

यात्रा के जरिए सामने आए टिकट के दावेदार
जन आक्रोश यात्रा जैसे ही प्रदेश की 200 विधानसभाओं में पहुंची। भाजपा के दावेदारों ने मुंह निकालना शुरू कर दिया। यात्रा के बहाने जनता से संपर्क करने लगे। बैनर पोस्टर के जरिए बाजारों में छाने लगे। गहलोत सरकार अपने कार्यकाल के 4 साल पूरे करने का जश्न मनाने में जुटी है। वही भाजपा ने इसे चुनावी साल के रूप में लेना शुरू कर दिया है। जन आक्रोश यात्रा उसी रणनीति का हिस्सा है।

भाजपा यात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं को करना चाहती है ऊर्जावान
जन आक्रोश यात्रा के जरिए भाजपा प्रदेश में अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय और ऊर्जावान करना चाहती है। कहने भर को इस यात्रा का जिम्मा संगठन के पास है। लेकिन यात्रा की तैयारियों संबंधी कामकाज भाजपा के वे दावेदार ही कर रहे हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में उर्जा भरना चाहती है। ताकि चुनाव के समय पार्टी को पूरा फायदा मिल सके। जन आक्रोश यात्रा के समापन पर प्रदेश स्तरीय रैली होने के बाद कार्यकर्ता अपने हिसाब से चुनाव की गणित बिठाएंगे। लेकिन पार्टी जन आक्रोश यात्रा के बहाने करिकुलम जरूर मजबूत बनाने में जुट गई है।

दावेदारों के अंतर्द्वंद में उलझ कर रह गई जन आक्रोश यात्रा
भाजपा ने जन आक्रोश यात्रा की शुरुआत गलत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए की थी। लेकिन प्रदेश के ज्यादातर विधानसभाओं में यह यात्रा स्थानीय नेताओं के अंतर्द्वंद में उलझ कर रह गई है। प्रदेश में कई जगह यात्रा के दौरान नेताओं के आपसी झगड़े की खबरें सामने आई है। प्रदेश नेतृत्व में भी चल रही गुटबाजी इस यात्रा के जरिए सामने आई है। वसुंधरा खेमे ने यात्रा से दूरी बनाए रखी है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की भी यात्रा के दौरान शिकायत की गई। जो प्रदेश संगठन से लीक हो गई। प्रदेश के नेताओं में चल रही गुटबाजी का असर भाजपा की जन आक्रोश यात्रा पर देखने को मिला है।












Click it and Unblock the Notifications