राजस्थान में डॉक्टरों से सबसे बड़ी ठगी, डॉक्टरों की ही इस गैंग ने यूं लगाया 100 करोड़ का चूना, 3 गिरफ्तार
राजस्थान में डॉक्टरों से 100 करोड़ की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश
जयपुर। राजस्थान एसओजी ने करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसओजी ने इस गिरोह से जुड़े 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मास्टर माइंड डॉ. रामलखन डिसानिया है, जो अपने ही पेशे से जुड़े लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है।

शेयर मार्केट में भी लगवाते पैसा
डॉ. रामलखन डिसानिया अपने गिरोह में शामिल अमित शर्मा और नर्सिंग स्टूडेंट नेहा जैन के साथ मिलकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। यह गिरोह डॉक्टरों को शेयर मार्केट या अन्य वित्तीय योजनाओं में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उन्हें ठगी का शिकार बनाता था। करीब एक साल पहले जयपुर के वर्ल्ड ट्रेड पार्क में एक आलीशान दफ्तर खोला और दिल्ली की एक कंपनी काे डेढ़ कराेड़ में खरीदने की योजना बनाई। उस कंपनी के ख्वाब दिखाकर ही साथी डॉक्टरों से करोड़ों की ठगी की गई।

दस लाख से दो करोड़ तक का दिलाया लोन
आरोपियों ने डॉक्टरों को अपने जाल में फंसाने के लिए पांच सितारा होटलों में मीटिंग व पार्टियां भी की। इसके बाद झांसे में आए डॉक्टरों को बैंककर्मियों की मिलीभगत के जरिए 10 लाख रुपए से 2 कराेड़ रुपए तक का लाेन दिलाया और फर्जी फर्मों में निवेश करवाकर मोटी रकम का डकार गए।

डॉक्टरों को बांटे महंगे गिफ्ट
एसओजी के अधिकारियों की मानें तो शेयर बाजार में काम करने वाले ये तीनों आरोपी महज तीन साल में ही अरबपति बन गए। आराेपियाें ने डॉक्टरों को ठगने के लिए पहले महंंगे स्मार्ट फोन, दस बीएमडब्लयू और ऑडी कार गिफ्ट में भी बांटे। फिर लग्जरी लाइफ स्टाइल और चकाचौंध के चलते एक के बाद एक कर करीब डेढ़ सौ डॉक्टर इस गिरोह का शिकार बनते गए। ठगी की इस रकम से आरोपियों ने माइंस और जमीनें खरीदने के साथ-साथ आवासीय याेजना भी विकसित कर दी।

अन्य सदस्यों की भी तलाश
राजस्थान एसओजी/एटीएस के एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि आराेपी डॉ.रामलखन ने ठगी की राशि से कई संपत्तियां भी बना ली है। जयपुर व सीकर के बड़े मॉल्स में रेस्टाेरेंट, डिस्काे-बार खाेल लिए और हाई प्रोफाइल बिजनेसमैन के साथ आवासीय याेजनाओं में भी साझेदारी की बात सामने आई है। वहींं, इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य एसओजी कार्रवाई की भनक लगते ही भूमिगत हो गए हैं। एसओजी अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रही है।












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