दीपावली पर इस बार होगी ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी, जानिए पूरी वजह
जयपुर, 15 सितंबर। प्रदेश में इस बार दीपावली ग्रीन पटाखों से मनाई जाएगी। दीपावली के मौके पर शहर में लगाई जाने वाली पटाखा की दुकानों के लिए अस्थाई अनुज्ञापत्रों के आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अस्थाई अनुज्ञापत्र जारी किए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला प्रशासन यह काम करेगा। दिल्ली में पटाखों की बिक्री पर रोक के बाद जयपुर में ग्रीन पटाखों को बिक्री की अनुमति दी गई है। इन पर ग्रीन आतिशबाजी का मार्का होना अनिवार्य होगा। साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होने पर आतिशबाजी पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी। गृह विभाग ने इसकी गाइडलाइन जारी करते हुए फायर सेफ्टी के निर्देश भी दिए हैं।

निर्धारित मानकों के मुताबिक होगी बिक्री
ग्रीन पटाखों के लिए कई तरह के मानक तैयार किए गए हैं। यह काम नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने किया है इसमें पटाखों की आवाज और धुएं की सीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद ही बिक्री की अनुमति प्रदान की जाएगी। राजस्थान में पटाखे बनाने की 9 फैक्ट्री है। आवाज वाले और रोशनी वाले पटाखों के लिए एक निश्चित मानक तैयार किया गया है। सामान्य पटाखों की तुलना में इन्हें जलाने पर 40 से 50 फ़ीसदी तक कम हानिकारक गैस पैदा होंगी। इनसे प्रदूषण फैलने की आशंका भी कम होगी।

सामान्य पटाखों से महंगे ग्रीन पटाखे
गृह विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक बाजार में बिक्री के लिए आने वाले पटाखों पर सीएमआईआर-नारी का होल मार्क होना जरूरी किया गया है। ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों से महंगे होते हैं। इसी वजह से ग्राहक आमतौर पर सामान्य पटाखे खरीदते हैं। यही वजह है कि ग्रीन पटाखों की बिक्री सामान्य पटाखों से कम होती है।













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