ये हैं राजस्थान के 7 चमत्कारी मंदिर, कहीं देवी मां की प्रतिमा पीती है शराब तो कहीं शाम को रुकना मना
जयपुर। जानिए राजस्थान के ऐसे 7 मंदिरों के बारे में, जिनका इतिहास और वर्तमान रहस्यों से भरा हुआ है। इनका यह राज कोई हकीकत है या कोई फसाना है, ये जानने के लिए पुरातत्वविज्ञानियों समेत कई लोगों ने प्रयास भी किए, मगर रहस्यों से पर्दा कभी नहीं उठ पाया।

मेहंदीपुर बालाजी, दौसा
मेहंदीपुर बालाजी राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाड़ियों के बीच स्थित है। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में बालाजी, जो कि हनुमानजी का बाल रूप है, उनकी मूर्ति है। यहां आपको कई विचित्र नजारे देखने को मिल जाएंगे, जिन्हें पहली बार देखकर लोग हैरत में पड़ जाते हैं और डर भी जाते हैं। विज्ञान भूत-प्रेतों को नहीं मानता है लेकिन यहां हर दिन दूर-दराज से ऊपरी चक्कर और प्रेत बाधा से परेशान लोग मुक्ति के लिए आते हैं।
बता दें कि मेहंदीपुर बालाजी की मूर्ति की खास बात यह है इसमें बायीं ओर एक छेद है जिससे लगातार जल बहता रहता है। कुछ लोग इसे बालाजी का पसीना भी कहते है। हालांकि इसका स्तोत्र क्या है? ये तो किसी को नहीं पता। लेकिन इस जल को इतना पवित्र मानते है कि इसकी छीटें पड़ने से बुरी नजरों से बचाव हो जाता है।

सावित्री मंदिर, अजमेर
राजस्थान के अजमेर जिले में ऊंची पहाड़ी पर देवी सावित्री का मंदिर है। कहते हैं ब्रह्माजी को पुष्कर में शाप देने के बाद सरस्वती देवी (सावित्री देवी) यहां पर रूठकर यहां आकर बस गईं। मंदिर के बारे में प्रचलित मान्यता है कि पुरुष इस मंदिर में बाहर से ही देवी के दर्शन कर सकते हैं। पुरुषों का अंदर प्रवेश करना वर्जित है। इसकी वजह यह मानते हैं कि देवी पुरुषों से नाराज हैं। इन्होंने विष्णु भगवान को भी ब्रह्माजी की गायत्री से विवाह का साक्षी होने के वजह से पत्नी से वियोग का शाप दे दिया था।

किराडू मंदिर, बाड़मेर
बाड़मेर में पांच मंदिरों की एक निहायत ही खूबसूरत श्रृंखला किराड़ू मंदिर है। इसमें एक भगवान विष्णु का है बाकी महादेव के हैं। इस मंदिर की नक्काशी इतनी शानदार है कि इसे ‘राजस्थान का खजुराहो' भी कहा जाता है। लेकिन इस मंदिर में अगर कोई भी शाम के बाद रुका तो कभी लौटकर नहीं आया।
लोककथा के अनुसार एक बार एक साधु अपने शिष्यों के साथ यहां आए थे। कुछ दिन रहने के बाद साधु देश भ्रमण पर निकले। इसी दौरान अचानक ही उनके शिष्य बीमार पड़ गए, लेकिन गांव के लोगों ने उनकी देखभाल नहीं की। लेकिन उसी गांव में एक कुम्हारिन थी। जिसने उन शिष्यों की देखभाल की थी। ऐसे में जब साधु वापस पहुंचे और अपने शिष्यों को इस हालत में देखा तो उन्हें काफी दुख हुआ और उन्होंने वहां के लोगों को शाप दिया कि जहां मानवता नहीं है। वहां लोगों को भी नहीं रहना चाहिए। उनके शाप देते ही सभी पाषाण के हो गए। लेकिन साधु ने उस कुम्हारिन को कहा कि वह शाम ढलने से पहले ही वहां से चली जाए। साथ ही जब जाए तो कुछ भी हो जाए पीछे मुड़कर न देखे अन्यथा वह भी पाषाण की बन जाएगी। लेकिन कुम्हारिन जब जाने लगी तो उसने साधु को परखने के लिए पीछे मुड़ कर देखा तो उसी समय वह भी पाषाण की बन गई। कहा जाता है कि जो भी वहां शाम में रुकता है, वह पाषाण बन जाता है। यही कारण है कि वहां जाने वाला हर व्यक्ति शाम ढलने से पहले ही वहां से बाहर निकल जाता है।

पुष्कर मंदिर, अजमेर
ब्रह्मा जी का पूरे भारत में सिर्फ एक ही मंदिर है, जो कि राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित है। इसके पीछे एक बहुत रोचक कथा है। पद्म पुराण में ऐसा वर्णन मिलता है कि ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री ने उन्हें श्राप दिया था कि देवता होने के बावजूद कभी भी उनकी पूजा नहीं होगी। पुष्कर जैसा ब्रह्मा जी का पौराणिक मंदिर पूरे विश्व में कहीं नहीं मिलेगा। पुष्कर का शाब्दिक अर्थ है तालाब जिसका निर्माण फूलों से होता है। माना जाता है कि एक बार ब्रह्मा जी के मन में धरती की भलाई करने का ख्याल आया और उन्होंने इसके लिए यज्ञ करने का फैसला किया। उन्हें यज्ञ के लिए जगह की तलाश करनी थी। उन्होंने अपनी बांह से निकले कमल को धरती पर भेजा। वह कमल बिना तालाब के नहीं रह सकता इसलिए यहां एक तालाब का निर्माण हुआ। यज्ञ के लिए ब्रह्माजी यहां पहुंचे। लेकिन उनकी पत्नी सावित्री वहां समय पर नहीं पहुंच पाईं। यज्ञ का वक्त निकला जा रहा था, लिहाजा ब्रह्मा जी ने एक स्थानीय बाला से शादी कर ली और यज्ञ में बैठ गए। ऐसा देख कर उन्होंने ब्रह्मा जी को श्राप दिया कि देवता होने के बावजूद कभी भी उनकी पूजा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस धरती पर सिर्फ पुष्कर में आपकी पूजा होगी और यदि कोई दूसरा इंसान आपका मंदिर बनाएगा तो उसका कभी भला नहीं होगा। पुष्कर झील के किनारे पर बसे इस ब्रह्मा मंदिर को किसने बनवाया है, इसका कोई उल्लेख नहीं है।

तनोट माता, जैसलमेर
भारत-पााकिस्तान बार्डर पर जैसलमेर के थार रेगिस्तान में तनोट माता का मंदिर है। मंदिर के साथ भारत-पाकिस्तान युद्ध की एक किवदंती जुड़ी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि भारत-पाक 1971 युद्ध के दौरान भारतीय सीमा में 4 किलोमीटर तक घुस आई पाकिस्तानी सेना इस मंदिर को पार नहीं कर पाई थी। पाकिस्तानी फौज द्वारा बरसाए गए करीब 3000 बम भी इस मंदिर का कुछ नहीं बिगाड़ सके थे। मंदिर परिसर में गिरे 450 बम तो फटे ही नहीं। बीएसएफ जवानों और स्थानीय लोगों का मानना है कि उस युद्ध में तनोट माता की कृपा ने भारत को जीत दिलाई था। इस कारण बीएसएफ के जवानों और दूसरे श्रद्धालुओं के बीच इस मंदिर की काफी मान्यता है।

करणी माता मंदिर, देशनाक, बीकानेर
राजस्थान के बीकानेर से तकरीबन 30 किलोमीटर दूर देशनाक में करणी माता का अद्भुत मंदिर है। इसे चूहों वाला मंदिर और मूषक मंदिर के नाम से भी जानते हैं। यहां भक्तों को चूहों का जूठा किया हुआ प्रसाद खिलाया जाता है। मां करणी को मां दुर्गा का अवतार माना गया है। साल 1387 में एक चारण परिवार में करणी माता का जन्म हुआ। इनका बचपन का नाम रिघुबाई था। विवाह के बाद जब उनका मन सांसरिक जीवन से ऊब गया तो उन्होंने अपना पूरा जीवन देवी की पूजा और लोगों की सेवा में अर्पण कर दिया गया। 151 वर्ष तक जीवित रहने के बाद वह ज्योर्तिलीन हो गईं। इसके बाद भक्तों ने उनकी मूर्ति स्थापित करके पूजा करनी शुरू कर दी। यहां तकरीबन 20हजार चूहे हैं। कहते हैं कि यह करणी माता की संताने हैं, यह सुबह की मंगला आरती और शाम की संध्या आरती में जरूर शामिल होते हैं।

मां भुवाल काली माता मंदिर, नागौर
राजस्थान के नागौर जिले में मां भुवाल काली माता का मंदिर स्थित है। इस मंदिर की मान्यता है कि यहां माता ढाई प्याला शराब ग्रहण करती हैं। साथ ही बचे हुए प्याले की शराब को भैरव पर चढ़ाया जाता है। इस मंदिर का निर्माण डाकूओं ने करवाया था। शिलालेख से पता चलता है कि मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1380 को हुआ था। मंदिर के चारों और देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं व कारीगरी की गई है। यहां भक्त मंदिर में मदिरा लेकर आता है तो पुजारी उससे चांदी का ढाई प्याला भरता है। इसके बाद वह देवी के होठों तक प्याला लेकर जाता है। इस समय देवी के मुख की ओर देखना वर्जित है। माता अपने भक्त से प्रसन्न होकर तुरंत ही वह मदिरा स्वीकार कर लेती हैं। प्याले में एक बूंद भी बाकी नहीं रहती।
-
Monalisa की शादी के 8 दिन बाद ये क्या हो गया? मुस्लिम पति पर बड़ा खुलासा, डायरेक्टर के बयान से मचा हड़कंप -
Delhi Riots: जिसने पूरी जिंदगी ईर्ष्या की, उसी के निकाह में 6 साल जेल काटकर पहुंचे Sharjeel Imam, दूल्हा कौन? -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Hormuz Crisis: ईरान के खिलाफ 20 मजबूत देशों ने खोला मोर्चा, दे दी बड़ी चेतावनी, अब क्या करेंगे मोजतबा खामेनेई -
बिना दर्शकों के खेला जाएगा PSL, मोहसिन नकवी ने की 2 शहरों में आयोजन की घोषणा, किस वजह से लिया यह फैसला? -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के भाव ने फिर चौंकाया, चढ़ा या गिरा? जानें यहां -
Donald Trump PC Highlights: '48 घंटे के अंदर खोलो Hormuz वरना तबाह कर दूंगा', ट्रंप ने दी ईरान को धमकी












Click it and Unblock the Notifications