शांति धारीवाल ने माकन व पायलट पर लगाए गंभीर आरोप, बोले-'गद्दारी करने वाले को पुरस्कार बर्दाश्त नहीं'
जयपुर, 26 सितम्बर। राजस्थान की राजनीति में मची कलह के बीच अशोक गहलोत सरकार में यूडीएच व संसदीय मंत्री शांति धारीवाल ने प्रदेश प्रभारी अजय माकन व सचिन पायलट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। धारीवाल ने यहां तक कह दिया कि जिस शख्स ने राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की कोशिश कर गद्दारी की उसे सीएम पद का पुरस्कार मिलना विधायकों को बर्दाश्त नहीं है।

दरअसल, राजस्थान के सियासी ड्रामे के बीच शांति धारीवाल के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनसे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और दूसरा विधायकों की बैठक है। मीडिया से बातचीत में शांति धारीवाल ने कहा कि दिल्ली से अजय माकन पक्षपात तरीके से विधायकों से बात करने जयपुर आए थे। वे विधायकों से कहा भी करते थे कि सचिन पायलट का साथ दो।
धारीवाल ने कहा कि राजस्थान सियासी संकट 2020 में हमें 34 दिन तक होटलों में रहना पड़ा था। तब सोनिया गांधी का स्पष्ट निर्देश था कि राजस्थान में कांग्रेस को बचाना है, मगर सचिन पायलट अपने गुट के विधायकों के साथ मानेसर के होटल में रुके और डिप्टी सीएम व राजस्थान पीसीसी चीफ रहते हुए कहा कि गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई। विधानसभा सत्र बुलाने की नौबत आई तब पायलट ने सरेंडर किया।

धारीवाल बोले कि मैं बीते 50 साल से राजनीति में हूं। सोनिया गांधी का सिपाही हूं। उनका हर आदेश माना है। जिला प्रमुख से लेकर मंत्री तक पदों पर रहा हूं। कभी अनुशासनहीनता नहीं की। ना ही करूंगा। पर्यवेक्षक एक लाइन का प्रस्ताव लेकर आए थे। वे सचिन पायलट को सीएम बनाना चाहते थे। ऐसे में विधायक नाराज हो गए थे। संसदीय मंत्री होने के नाते विधायक अपनी बात रखने के लिए मेरे आवास आए थे। वहीं, से इस्तीफे देने के लिए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के पास चले गए। कांग्रेस को सीएम बनाना ही है तो उन 102 विधायकों में से बनाए जिन्होंने सरकार बचाने की कोशिश की थी।
शांति धारीवाल अपने दूसरे VIDEO में अशोक गहलोत गुट के विधायकों को बैठक में सम्बोधित करते नजर आ रहे हैं, जिसमें धारीवाल बोले कि राजस्थान में सीएम बदलने का षड़यंत्र रचा गया है। यह ठीक वैसा ही जैसा पंजाब में हुआ। इसी तरह की राजनीति में हमने पंजाब को खो दिया और अब राजस्थान को खोने जा रहे हैं।












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