राजगढ़ में मंदिर तोड़ने वाले एसडीएम केशव मीणा हुए बहाल, जानिए पूरा मामला
जयपुर, 1 सितम्बर। राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में मंदिर तोड़ने के मामले में निलंबित हुए एसएडीएम केशव मीणा को बहाल कर दिया है। कार्मिक विभाग ने बहाली के आदेश जारी किए है। गहलोत सरकार ने मंदिर तोड़ने के मामले में बड़ा निर्णय लेते हए तत्कालीन राजगढ़ केशव कुमार मीना और तहसीलदार को निलंबित कर दिया था। मंदिर तोड़ने के मामले में भाजपा के हमलावर होने पर सीएम अशोक गहलोत ने एसडीएम केशव कुमार मीना समेत एसडीए, ईओ और नगरपालिका के चेयरमेन को निलंबित कर दिया था। राजगढ़ में मास्टर प्लान के तहत तीन मंदिरों मकानों दुकानों को तोड़ने के बाद राजनीति गरमा गई थी। जिसमें बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हो गई थी। बीजेपी ने कांग्रेस पर हिंदुओं के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया था। वहीं कांग्रेस के नेताओं के द्वारा बीजेपी पर मंदिरों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।

बीजेपी हुई थी सरकार पर हमलावर
मंदिर तोड़ने के मामला सुर्खियों में आने के बाद गहलोत सरकार ने विपक्ष के दबाव में आकर अधिकारियों पर कार्रवाई की थी। सीएम अशोक गहलोत ने राजगढ़ के तत्कालीन एसडीएम केशव कुमार का तबादला कर विपक्ष की मांग को पूरा कर दिया। भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार ने पूरे मामले में ढिलाई बरती है। इसलिए आरोपी अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

मंदिर बनवाने के आश्वासन पर शांत हुआ मामला
बीजेपी ने कांग्रेस पर हिंदुओं के साथ अत्याचार करने का आरोप लगाया था। वहीं कांग्रेस के नेताओं के द्वारा बीजेपी पर मंदिरों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। मामले के तूल पकड़ने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर सिंह ने राजगढ़ में मंदिर फिर से बनाने का आश्ववासन दिया था। इसके बाद मामला शांत हुआ। उल्लेखनीय है कि भंवर जितेंद्र सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। अलवर से सांसद रह चुके हैं। राजगढ़ अलवर जिले में ही आता है।













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