राजस्थान: सचिन पायलट गुट में रहे विधायक हरीश मीना के सुर बदले, अनदेखी के सवाल पर दिया अजीब जवाब
टोंक, 11 जून। राजस्थान कांग्रेस में अंदरखाने चल रहे सियासी संग्राम के बीच शुक्रवार को सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि के मौके पर टोंक जिले के उनियारा पहुंचे विधायक हरीश मीना के सुर बदले-बदले नजर आए।

गोलमोल जवाब कई सियासी सवाल छोड़ गए
एक ओर जहां विधायक मीना ने दौसा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही तो वहीं आज कांग्रेस पार्टी के निर्देशों पर उनियारा पहुंचकर मंहगाई के खिलाफ धरने प्रदर्शन में शामिल होने की मजबूरी जाहिर की। जब विधायक हरीश मीना से पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और साथी विधायकों द्वारा राजनैतिक नियुक्तियों और कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर उठाए जा रहे सवालों पर बात की तो गोलमोल जवाब कई सियासी सवाल छोड़ गए।

बीमारी का समय पर समाधान होना चाहिए
विधायक मीना ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि किसी भी समस्या या बीमारी का समय पर समाधान होना चाहिए। जैसे सरकार ने कोरोना की समय पर वैक्सीन लगाने की शुरूआत की है। वैसे ही पार्टी के कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

उनके किसी भी बयान पर मैं जवाब नहीं दे सकता
वहीं, बीते दिनों अलग करते हुए कहा कि उनके किसी भी बयान पर मैं जवाब नहीं दे सकता। वो बड़े ही सीनियर नेता हैं। कई बार मंत्री, सांसद, विधायक व जिला प्रमुख रह चुके हैं। मुझे बस इतनी उम्मीद है कि सभी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।

विधायक मीना भी पायलट कैम्प को छोड़ चुके हैं
विधायक हरीश मीना के यह जवाब राजस्थान की सियायत में उठ रहे उबाल को और बढ़ाते नजर आ रहा है। सियासी गलियारों में इन बयानों को लेकर कई कयास लगा रहे है। कोई कह रहा है कि विधायक मीना भी पायलट कैम्प को छोड़ चुके हैं।

सीएम गहलोत ने इनका पूरा ख्याल रखा
कोई कह रहा है कि टोंक जिले में सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री गहलोत ने देवली उनियारा को सौगातें दी हैं। 10 महीने पहले जब हरीश मीना पायलट कैम्प से लौटकर आए तब से ही सीएम गहलोत ने इनका पूरा ख्याल रखा है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में कोई बड़ा संकट खड़ा होता है तो मीना कही गहलोत के तारणहार की भूमिका में तो नहीं आएंगे।












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