Kailash Bohra : घूस में युवती की अस्मत मांगने वाला RPS कैलाश बोहरा बर्खास्त, राजस्थान में पहला मामला
जयपुर। रेप पीड़िता युवती से रिश्वत में उसकी अस्मत मांगने वाले राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) के अधिकारी कैलाश बोहरा को गहलोत सरकार ने बर्खास्त कर दिया है।

युवती से रेप के प्रयास में 14 मार्च को गिरफ्तारी
राजस्थान में यह पहला मामला है जब किसी पुलिस अधिकारी को आर्टिकल 311 (2) का उपयोग करते हुए उसे बर्खास्त किया गया हो। जयपुर कमिश्नरेट में महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में तैनात रहे एसीपी कैलाश बोहरा को भष्ट्रचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने युवती से रेप के प्रयास में 14 मार्च को गिरफ्तार किया था।

शुक्रवार को राजस्थान राजभवन से मंजूरी
आरपीएस कैलाश बोहरा की गिरफ्तारी के अगले ही दिन राजस्थान विधानसभा में इस प्रकरण पर हंगामा हुआ तो यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने बोहरा को सीधे ही बर्खाख्त करने की बात की थी। हालांकि फिर 22 मार्च को एसीपी कैलाश बोहरा को बर्खास्त करने की बजाय अनिर्वाय सेवानिवृत्ति दी गई। हंगामा हुआ तो सरकार ने कहा कि बर्खास्तगी की प्रक्रिया नहीं रोकी है। शुक्रवार को राजस्थान राजभवन से मंजूरी के बाद बोहरा की बर्खास्तगी के आदेश हुए।

क्या है कैलाश बोहरा अस्मत मांगने का मामला ?
बता दें कि आरपीएस कैलाश बोहरा के पास जयपुर में महिला अत्याचार निवारण यूनिट की प्रभारी की जिम्मेदारी थी। तीस वर्षीय युवती ने जयपुर के जवाहर सर्किल पुलिस थाने में एक युवक व अन्य के खिलाफ शादी का झांसा देकर देहशोषण करने, धोखे से गर्भपात कराने का केस दर्ज कराया था।

युवती को जांच के बहाने बार-बार बुलाता था ऑफिस
छह मार्च को युवती ने राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर टीम को शिकायत दी कि उसके द्वारा दर्ज करवाए गए मुकदमों की जांच के सिलसिले में बोहरा उसे बार-बार अपने ऑफिस बुलाता था। वह 15 दिन पहले एसीपी कैलाश बोहरा से मिली तो बोहरा ने उससे रुपयों की मांग की। रुपयों नहीं देने पर उसने रिश्वत में युवती की अस्मत मांग ली।












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