राजस्थान: प्रदेश में भाजपा की रणनीति पर संघ में एकराय नहीं, बैठक में रखी अलग-अलग राय
राजस्थान भाजपा के चेहरे को लेकर संघ के प्रचारकों की राय अलग अलग है। संघ का एक गुट वसुंधरा राजे का विरोधी है। वहीं राजे संघ के प्रमुख पदाधिकारियों से मिलकर गिले शिकवे दूर कर रही हैं।

राजस्थान में भाजपा की मजबूती को लेकर संघ के कुछ पदाधिकारी एक राय नहीं है। पार्टी में नेतृत्व को लेकर संघ के प्रचारकों की अलग-अलग राय है। यह बात शुक्रवार को भाजपा नेताओं और संघ के प्रचारकों की जयपुर के सेवा सदन में बैठक के बाद सामने आई है। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, संघ के प्रांत प्रचारक बाबू लाल, क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम मौजूद रहे। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संघ के कुछ प्रचारक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पार्टी का चेहरा बनाने के बाद भाजपा के मजबूत होने का दावा कर रहे हैं। वहीं बैठक में संघ के कुछ पदाधिकारियों ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को हटाए जाने पर नाराजगी जताई है। वही कुछ पदाधिकारी चाहते हैं कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा जाए।

यह है संघ नेताओं की नाराजगी की असल वजह
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल के दौरान प्रदेश में प्रकाश चंद्र बतौर संगठन महामंत्री कार्यरत थे। इस दौरान वसुंधरा राजे और प्रकाश चंद्र के रिश्ते ठीक नहीं थे। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दखल के बाद प्रकाश चंद्र को राजस्थान के संगठन महामंत्री पद से हटा दिया गया था। राजनीति के जानकारों की मानें तो प्रकाश चंद्र अब केंद्र में लघु भारती के लिए कार्य कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश में उनके गुट से जुड़े लोग अभी भी सक्रिय हैं। ऐसे में प्रकाश चंद्र के गुट के लोग पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व को लेकर विरोध कर रहे हैं। हालांकि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सभी को एक राय करने की कोशिश में जुटा हुआ है। राजनीति के जानकारों की मानें तो संघ का एक गुट सतीश पूनिया के समर्थन में था। वहीं एक गुट संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के साथ था। सतीश पूनिया और चंद्रशेखर में संगठन को लेकर आपसी मतभेत थे। वसुंधरा राजे के जन्मदिन समानांतर कार्यक्रम करने के बाद पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने सतीश पूनिया से नाराजगी दिखाते हुए उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर सीपी जोशी को नया अध्यक्ष बना दिया। पार्टी के इस फैसले से भी पूनिया समर्थित संघ के स्थानीय गुट में नाराजगी है।

संघ पदाधिकारियों की नाराजगी दूर करने में जुटी राजे
पार्टी सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे संघ में नाराज नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी के चलते पिछले दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत, संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसाबाले और क्षेत्र प्रचारक निंबाराम के साथ बैठक कर चर्चा की है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सभी गिले-शिकवे दूर कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि संघ का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश में आरएसएस नेताओं को एक राय करने की कोशिश कर रहा है।












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