Rajasthan में पिछले 22 सालों में 50 गैंगस्टरों का एनकाउंटर कर चुकी पुलिस, 45 की उम्र पार नहीं कर पाए गैंगस्टर
राजस्थान में युवा कम उम्र में नाम कमाने के नाम पर गैंग में शामिल हो जाते हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद इन युवाओं का दर्दनाक अंत होता है। राजू ठेहट जैसे कई युवा गैंगस्टर्स हैं। जो 45 की उम्र भी पार नहीं कर पाए।

Rajasthan के सीकर में राजू ठेहट हत्याकांड में शामिल सभी बदमाश युवा हैं। अपना नाम बड़ा बनाने के लिए अपराध की दुनिया में भटक रहे हैं। नए गैंगस्टर और शूटर्स को शायद यह नहीं पता कि उनसे पहले भी कई युवाओं में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। लेकिन वह अपने अंजाम तक पहुंचने से पहले ही मौत पर घाट उतार दिए गए। सीकर के पिपराली में शनिवार को मारा गया गैंगस्टर राजू ठेहट भी मौत के घाट उतारने वाले चारों बदमाशों की तरह ही युवा होते ही गैंग के संपर्क में आ गया था। लेकिन अन्य बदमाशों की तरह वह भी 45 साल की उम्र को पार नहीं कर सका और उसे मौत के घाट उतार दिया गया। राजस्थान पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक लगभग सभी नामी बदमाश 45 साल की उम्र को पार नहीं कर पाए हैं। वह या तो पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए हैं या फिर आपसी दुश्मनी में हुई गैंगवार ने उन्हें दुनिया से विदा कर दिया। राजस्थान की पुलिस ने करीब 22 सालों में 50 बदमाशों का एनकाउंटर कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया और इतने ही बदमाश आपसी रंजिश के चलते गैंगवार में मारे गए हैं। वहीं वर्तमान समय में अजमेर के हाई सिक्योरिटी जेल में प्रदेश भर के 100 से अधिक ऐसे ही अपराधी बंद है।

गैंगवार में युवावस्था में ही मारे गए ये बदमाश
प्रदीप स्वामी हत्याकांड 5 फरवरी 2021 को हुआ। इसमें प्रदीप स्वामी के साथ ही रिटायर टीचर निहाल सिंह सरावग, ईश्वर सिंह नाई व एक शूटर की मौत हुई। दिनदहाड़े गोलियां चली। यह सभी युवा थे। अजय जैतपुरा राजू ठेहट की तरह ही हार्डकोर अपराधी था। जेतपुरा पर हत्या, लूट, शराब की तस्करी सहित 42 मामले दर्ज थे। 17 जनवरी 2018 को इसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। मई 2018 में श्री गंगानगर की जवाहर नगर थाना क्षेत्र में जिम में वर्कआउट कर रहे 32 साल के हिस्ट्रीशीटर जॉर्डन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। उसके शरीर में 16 गोली लगी थी।

राजू ठेहट की हत्या शेखावाटी का पहला गैंगवार नहीं
राजू ठेहट की हत्या शेखावाटी का पहला गैंगवार नहीं है। 2017 में जुराठड़ा के सरपंच सरदार राव की पलसाना में, महेंद्र गोदारा की हत्या 2014 में, बलवीर बानूड़ा की हत्या 2014 में, जयप्रकाश और रामपाल की हत्या 2012 में, गैंगस्टर बिरजू ठेकेदार की हत्या 2009 में, वीरेंद्र न्यांगली की हत्या 2006 में, गोपाल फोगावट और शीशराम की हत्या 2005 में, नानूराम और विजयपाल को इसी तरह गैंगवार में मारा गया था। जयपुर में भी यही हाल है। हाल ही में 26 वर्षीय महेंद्र मीणा और विजेंद्र सिंह की हत्या भी प्रमुख गैंगवार रही।

22 साल में 50 अपराधियों का एनकाउंटर
राजस्थान पुलिस ने गत 22 सालों में करीब 50 अपराधियों को एनकाउंटर कर मार गिराया है। जोधपुर में 25 साल की उम्र में हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा को अक्टूबर 2021 में पुलिस ने गोलियों से भून दिया था। इसी तरह आनंदपाल सिंह, दारिया राजस्थान के महत्वपूर्ण एनकाउंटर रहे। मनोचिकित्सक डॉक्टर सुनील शर्मा के मुताबिक कभी-कभी पारिवारिक कारण, देखा देखी, दोस्तों के दबाव, नाम कमाने, नशे की प्रवृत्ति के कारण युवा अपराध की दुनिया में आ जाते हैं। इसलिए युवावस्था में पहुंचने से पहले ही परिवार के सदस्यों का उन पर नजर रखना जरूरी होता है।












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