Rajasthan News: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे सचिन पायलट ! जानिए क्या है पूर्व डिप्टी सीएम की प्रमुख मांग
राजस्थान में गहलोत पायलट के विवाद को लेकर पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में बैठक बुलाई है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट राजस्थान में पार्टी अध्यक्ष और 75 सीटों पर समर्थकों को टिकट देने की मांग कर रहे हैं।

Rajasthan News: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर घमासान जारी है। सचिन पायलट ने कांग्रेस हाईकमान को अल्टीमेटम दे रखा है। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में गहलोत पायलट विवाद को लेकर बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से चर्चा करेंगे। पूर्व डिप्टी सीएम प्रदेश में युवाओं और पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो सचिन पायलट राजस्थान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और 75 सीटों पर टिकट की डिमांड कर रहे हैं। दरअसल सचिन पायलट चाहते हैं कि पार्टी उन्हें राजस्थान में पार्टी अध्यक्ष बनाएं और विधानसभा चुनाव में 75 सीटों पर टिकट उनके समर्थकों को दिए जाए। ऐसे में पार्टी हाईकमान पायलट की शर्त को किस हद तक मंजूर करेगा। इसका फैसला इस बैठक के बाद हो पाएगा।
पायलट ने किया अनशन और पदयात्रा
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदेश में युवाओं और पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर जयपुर में एक दिवसीय अनशन भी कर चुके हैं। पिछले दिनों पायलट ने इन्हीं मांगों को लेकर अजमेर से जयपुर तक की जन संघर्ष पदयात्रा भी की थी। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में आंधी तूफान से हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग भी की थी। राजनीति के जानकारों की मानें तो पायलट पार्टी में अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे पार्टी में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वे आगे बताते है कि पायलट का मकसद प्रदेश अध्यक्ष बनना है। पार्टी के भीतर वे अपना वर्चस्व चाहते हैं।
प्रदेश में लंबे समय से जारी है गहलोत पायलट विवाद
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबा विवाद है। सचिन पायलट ने साल 2020 में अपने समर्थित विधायकों के साथ बगावत कर गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश की थी। पिछले साल 25 सितंबर को कांग्रेस के पर्यवेक्षक रणदीप सुरजेवाला और मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायक दल की बैठक बुलाई तो गहलोत समर्थक विधायकों ने समानांतर बैठक कर विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर दिया था। राजस्थान में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान के सामने गहलोत पायलट को एक मंच पर लाकर चुनाव मैदान में उतरना बड़ी चुनौती है।












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