Rajasthan News : रीको की जमीन नीलामी में चहेतों को फायदा पहुंचाने का सामने आया मामला, जानिए कैसे दिया फायदा
राजस्थान में रीको में जमीन नीलामी में चहेतों को फायदा पहुंचाने का मामला सामने आया है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान पोर्टल हैंग होने से दूसरे बिल्डर बोली नहीं लगा पाए।

Rajasthan News : राजस्थान में रीको में जमीन नीलामी में चहेतों को फायदा पहुंचाने का खेल सामने आया है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान पोर्टल हैंग हो गया और दूसरे बिल्डर बोली नहीं लगा पाए। 5 मिनट तक पोर्टल काम करता है। लेकिन तब तक जमीन की अंतिम बोली पूरी हो गई। प्रदेश के जयपुर बस्सी तुंगा सहित अन्य जगह औद्योगिक क्षेत्रों की जमीन नीलामी में यह बात सामने आई है। प्रभावित लोगों ने इसकी शिकायत रिको चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और सलाहकार को भी की है। लेकिन हकीकत सामने नहीं आ पाई है। थर्ड पार्टी के जरिए पुख्ता जांच हो तो गड़बड़ी की परतें खुल सकती है।
कंप्यूटर रीस्टार्ट किया स्क्रीन ब्लैंक ही रही
प्रदेश के मालवीय नगर औद्योगिक क्षेत्र में 1717 वर्ग मीटर का एक भूखंड है। नीलामी की शुरुआती बोली दर 50300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की गई। इसमें एक्टिव बोलीदाता तीन लोग थे। जब एक बोलीदाता ने 56140 रुपए प्रति वर्ग मीटर बोली लगाई। तब पोर्टल हैंग हो गया। दूसरे बोली दाताओं ने कंप्यूटर रीस्टार्ट भी किया। लेकिन स्क्रीन ब्लैंक ही आती रही। 5 मिनट बाद ही बोली को अंतिम मानते हुए संबंधित फर्म को जमीन का आवंटन कर दिया गया। अनिल गुप्ता ने रीको प्रबंधन को मिलीभगत की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। ऐसे ही तुंगा औद्योगिक क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का भूखंड की नीलामी पिछले दिनों हुई शुरुआती बोली दर 3800 रुपए प्रति वर्ग मीटर रखी गई। 10 मिनट के लिए यहां भी पोर्टल हैंग हो गया। जबकि अन्य भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया चलती रही। पूर्णाराम कड़वासरा ने रीको के प्रबंध निदेशक को शिकायत की और आरोप लगाया कि सिस्टम में छेड़छाड़ के कारण ऐसा हुआ है। इसमें मिलीभगत की गई है। जिसकी जांच बेहद जरूरी है। नीलामी निरस्त कर नए सिरे से प्रक्रिया अपनाई जाए।
हर 5 मिनट में बोली लगाना जरूरी
नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के बाद हर 5 मिनट में बोले लगाना जरूरी है। तभी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मसलन सुरेश नाम के बोलीदाता ने भूखंड के लिए 30100 रुपए की बोली लगाई। इसके बाद किसी अन्य बोली दाता ने 5 मिनट के दौरान ही दर नहीं बढ़ाई तो इसे ही अंतिम बोली मानते हुए भूखंड का सुरेश के नाम आवंटन हो जाएगा। यही 5 मिनट महत्वपूर्ण है। पोर्टल हैंग भी कम से कम 5 मिनट के लिए हुआ। रीको में आईटी क्षेत्र के महाप्रबंधक दिनेश पहाड़िया के मुताबिक सरवर फुलप्रूफ है। इसलिए किसी तरह की दिक्कत नहीं हो सकती। बोलीदाता के कंप्यूटर या लैपटॉप में ही दिक्कत आई होगी। कई बार ऐसा होता रहा है। ज्यादा लोगों के दिक्कत आई है तो उनके भी सिस्टम में तकनीकी समस्या हो सकती है। मेरे पास शिकायत पहुंचेगी तो जांच कराएंगे। वही रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्रवाल का कहना है कि बोलीदाता ने लिखित शिकायत की है। जिसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। यह मामला तकनीकी है। इसलिए जांच तकनीकी टीम ही करेगी।












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