Rajasthan News: बेटे वैभव गहलोत को ईडी के समन पर बोले सीएम गहलोत, कहा-'कानून अपना काम कर रहा'
Rajasthan News: ईडी द्वारा वैभव गहलोत को समन जारी किए जाने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कानून-व्यवस्था को अपना काम करने दें। नोटिस में कोई दम नहीं है। यह एक साधारण नोटिस है। ईडी राजनीतिक कार्रवाई करने में व्यस्त है। माइलेज लेने के लिए यह बीजेपी का राजनीतिक खेल है। इतने छापे पड़े हैं कि अब उन छापों का कोई असर नहीं है।
कानून अपना काम कर रहा
सीएम गहलोत ने वैभव गहलोत को ईडी का नोटिस जारी करने पर कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। कानून को अपना काम करने दें। ईडी ने समन दिया है। पूछताछ की है समय मांगा होगा। मुझे कुछ पता नहीं है। कानून को अपना काम करने दें। ईडी ने नोटिस दिया है तो जवाब दे दिया होगा। वैभव ने रिक्वेस्ट की है कि मुझे चुनाव के बाद बुलाया जाए। उन्होंने स्वीकार कर लिया होगा। अब इसमें मैं क्या कर सकता हूं। कानून अपना काम करेगा। इतना मैं कह सकता हूं कि नोटिस में कोई दम नहीं है। सिंपल नोटिस है। सिंपल इनफॉरमेशन मांगी गई है। यह लोग राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कि यहां छापे पड़ गए हैं। मुख्यमंत्री के बेटे के यहां छापे पड़े हैं। उनको बुला लिया गया है। ईडी वाले राजनीतिक फायदा उठाने के काम में लगे हुए हैं। उनके ऊपर दबाव है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। बल्कि राजस्थान में जब से यह खबर आई है। राजस्थान में ईडी ने समन जारी किया है। 12 साल पुराना मामला है। मामला खत्म हो चुका है। कैसे खत्म हो चुका है किरीट सोमैया बोलते थे पहले घूम-घूम कर हम सुनते थे। पेपर लीक के बहाने घर में घुस गए। कोई पूछताछ नहीं की। ना कोई बयान लिए उनके। पूरे दिन बैठे रहे। इससे कोई रिएक्शन नहीं हुआ राजस्थान में।

भाजपा का राजनीतिक खेल
सीएम गहलोत ने कहा कि यह बीजेपी का पूरा पॉलिटिकल खेल है। इससे गांव-गांव में मैसेज पहुंचा है। इनको लेने के देने पड़ जाएंगे। केंद्र सरकार के जिन नेताओं के इशारे पर यह खेल चल रहा है। ईडी की कार्रवाई चल रही है। चाहे छत्तीसगढ़ हो, राजस्थान हो या और कोई राज्य हो। कर्नाटक को आपने देख लिया। डीके शिवाकुमार वहां के प्रदेश अध्यक्ष थे। उनके यहां भी छापे पड़े। 22 बार छापे पड़े वहां पर। लेकिन चुनाव कौन जीता। कांग्रेस चुनाव जीती। यही स्थिति राजस्थान में भी होगी, छत्तीसगढ़ में भी होगी और मध्य प्रदेश में भी होगी। इतने छापे डाल दिए। अब इनके छापों का असर नहीं रहा है। एक जमाना था जब सीबीआई पहुंच जाए कहीं पर। सीबीआई की रेड हो जाए। ईडी की रेड पड़ जाए तो समाज भी उसको बहुत बुरा मानता था। अब समाज को मालूम चल गया। पब्लिक को कि खाली पॉलीटिकल माइलेज लेने के लिए नेताओं के यहां छापे पड़ते हैं। झूठा बदनाम करने के लिए इशारे पर खाली विपक्ष पार्टियों के नेताओं के यही छापे क्यों पड़ते हैं। जो विपक्षी नेता बीजेपी में शामिल हो जाता है। उसके यहां छापे पड़ने बंद हो जाते हैं। वह बिल्कुल पाक साफ हो जाता है। जनता को मालूम चल चुका है जितनी भी कार्रवाई हो रही है। वह राजनीतिक फायदा उठाने के लिए की जा रही है।












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