Rajasthan News: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया परिवर्तन यात्रा का आगाज, जानिए सियासी मायने
Rajasthan News: राजस्थान में सवाई माधोपुर के त्रिनेत्र गणेश जी से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने परिवर्तन यात्रा का आगाज किया। इस दौरान राजस्थानी परंपरा के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का मंच पर साफा पहनकर स्वागत किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने परिवर्तन यात्रा के स्टीकर का विमोचन किया। समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भी स्वागत अभिनंदन किया गया। सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी का अभिनंदन किया। एक बड़ी जनसभा के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने परिवर्तन यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सवाई माधोपुर के नीलकंठ महादेव मंदिर जाकर पूजा अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया।
गहलोत सरकार को बताया गहलूट सरकार
परिवर्तन यात्रा की जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि जनता की आकांक्षा पूरी करने का संकल्प लेकर परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की जा रही है। जेपी नड्डा ने सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य एल-1 सैटेलाइट के लॉन्च की भी जानकारी दी। इसे लेकर उन्होंने सभी को बधाई दी। नड्डा ने गहलोत सरकार को गहलूट सरकार बताते हुए कहा कि इनका उद्देश्य है। खूब लूट करो। सबको लूट की छूट दो और लूट के पैसे दिल्ली भेजो। कांग्रेस का मतलब लूट, कुशासन, भ्रष्टाचार और अत्याचार है। नड्डा ने कहा कि राजस्थान संस्कार की भूमि के लिए जाना जाता है। लेकिन यह अब महिलाओं से रेप व अत्याचार के लिए जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों पर कुठाराघात किया गया है। रीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य चौपट हुआ है।

वसुंधरा राजे ईआरसीपी को लेकर सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी पिछली सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि त्रिनेत्र गणेश जी से प्रार्थना करती हूँ कि राजस्थान की जनता पर उनकी भरपूर कृपा रहे। भाजपा ने देश को मोदी जैसा लोकप्रिय और विश्व स्तरीय नेता दिया हैं। 2008 में गहलोत सरकार से राजस्थान विकास की दर में पीछे हो गया। हम जब वापस सरकार में आए तो राजस्थान में हर क्षेत्र में विकास हुआ। 25 अगस्त 2005 को एमपी से नदियों के बंटवारे का काम किया गया। हमने ईआरसीपी के लिए काम किया। वापस गहलोत सरकार के कारण काम रुक गया। वसुंधरा राजे ने कहा कि ईआरसीपी के लिए योजना को हमने स्वीकृत करवाया। ईसरदा बांध लापरवाही के कारण अभी तक पूरा नहीं हुआ या ईआरसीपी को जानबूझकर विवादित बनाने का प्रयास भी किया गया है। उन्होंने कहा कि गहलोत साहब तब भी सो रहे थे। अभी सो रहे हैं। हम ईआरसीपी को लेकर खून पसीना बहाकर इसे पूरा करेंगे। हम सबको मिलकर कमल को खिलाना होगा। वसुंधरा ने जय-जय राजस्थान का नारा लगाकर अपना संबोधन खत्म किया।












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