Rajasthan News: गुलाबचंद कटारिया को राज्यपाल बनाए जाने के बाद बढ़ा महाजन वर्ग के नेताओं का वर्चस्व, जानिए वजह
राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान तेज हो गया है। पार्टी में गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद महाजन वर्ग सक्रीय हो गया है।

Rajasthan News: राजस्थान में इसी साल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद से राजस्थान की सियासत में महाजन वर्ग का वर्चस्व बढ़ने लगा है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए महाजन वर्ग से तीन उम्मीदवार मैदान में है। भाजपा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, पूर्व संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र गुप्ता और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व प्रदेश में महाजन वर्ग के नेता को बतौर मुख्यमंत्री प्रमोट करना चाहता है। ऐसे में इस वर्ग से जुड़े नेताओं की राजस्थान में सक्रियता बढ़ गई है। आपको बता दें प्रदेश भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर जबरदस्त अंतर्कलह है। पार्टी के भीतर एक दर्जन से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार सक्रीय हैं।
बिड़ला, गुप्ता, बंसल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री
पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान तेज है। महाजन वर्ग से राजस्थान ओम बिड़ला, प्रकाश चंद्र गुप्ता और सुनील बंसल मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। पार्टी के भीतर तीनों नेताओं ने अपनी लॉबिंग करना शुरू कर दिया है। पार्टी के हाल ही में नियुक्त हुए प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ओम बिड़ला के करीबी माने जाते हैं। वहीं पूर्व संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्ता लघु उधोग भारती के जरिए प्रदेश में अपना विस्तार करने में जुटे हैं। सुनील बंसल अमित शाह के बेहद करीबी नेता माने जाते हैं। आपको बता दें ओम बिड़ला और प्रकाश चंद्र गुप्ता के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में दोनों एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं।
प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए घमासान
राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री पद के लिए घमासान तेज हो चुका है। पार्टी के भीतर एक दर्जन से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रदेश में जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत रखती है। इनके अलावा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, पूर्व संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन मेघवाल, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, सांसद दिया कुमारी सहित अनेक नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। इससे पहले गुलाबचंद कटारिया भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जाते थे। लेकिन पार्टी ने उन्हें असम का राज्यपाल बना दिया है। गुलाबचंद कटारिया वसुंधरा राजे के विरोधी नेता माने जाते थे। लेकिन उन्होंने वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री पद को लेकर कभी अपना विरोध दर्ज नहीं कराया था। जबकि मौजूदा कई नेता वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री पद को लेकर एतराज दर्ज करा रहे हैं।












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