Rajasthan News: राजस्थान में 77 साल का बुजर्ग सचिन पायलट को टक्कर देने की तैयारी में, जानिए कौन है यह नेता
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम सीट पर बुजुर्ग नेता की सक्रियता से सियासी बाजार गर्म हो गया है। यह सीट प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का विधानसभा क्षेत्र टोंक है। अंतिम चुनाव लड़ने के 15 साल बाद 77 साल के बुजर्ग नेता और पूर्व मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन ने विधानसभा चुनाव में सचिन पायलट को टक्कर देने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन की सक्रियता से सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। उनके पुत्र और निवाई नगर पालिका के उपाध्यक्ष जितेंद्र जैन का दावा है कि पार्टी ने उनके पिता सक्रिय होने का संकेत दिया है। पार्टी मौका देगी तो उनके पिता जरूर चुनाव मैदान में उतरेंगे। राजनीति के जानकार महावीर प्रसाद जैन की सक्रियता को विधानसभा चुनाव में टोंक सीट की अहमियत और पार्टी की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
चार बार विधायक और सात बार चुनाव लड़ा
महावीर प्रसाद जैन टोंक से चार बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपने कैरियर में इस सीट से सात बार विधानसभा का चुनाव लड़ा है।आखिरी बार उन्होंने टोंक से 2008 में चुनाव लड़ा था। वसुंधरा राजे की सरकार में जैन मुख्य सचेतक रह चुके हैं। टोंक की सियासत में महावीर प्रसाद जैन का बड़ा वर्चस्व माना जाता है। पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ाव और नीतिगत राजनीति के लिए वे इलाके में मशहूर हैं। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत जनसंघ से की थी। टोंक जिले में उन्हें भाजपा को खड़े करने वाले नेता के तौर पर पहचाना जाता है।

टोंक में असर नहीं छोड़ सके सचिन पायलट
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट टोंक से मौजूदा विधायक हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विवाद के चलते सचिन पायलट टोंक सीट पर अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके। पायलट ने भाजपा के यूनुस खान को टोंक सीट से चुनाव हराया था। टोंक के स्थानीय बाशिंदों की मानें तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से विवाद के चलते टोंक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों में कमी रही। यही अहम वजह रही कि टोंक में सचिन पायलट उतना असर नहीं छोड़ पाए। स्थानीय सूत्रों की मानें तो क्षेत्र में सचिन पायलट के विधानसभा सीट बदले जाने की भी चर्चा है। सूत्र बताते हैं कि सचिन पायलट अगला विधानसभा चुनाव किसी अन्य सीट से लड़ेंगे।
जैन की दावेदारी में उम्र बनेगी बाधा
राजनीति के जानकारी बताते हैं कि भाजपा ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने का फार्मूला बनाया है। लेकिन राजस्थान में भाजपा में ऐसे कई नेता हैं जो 70 से अधिक उम्र के हैं। लेकिन राजनीति में सक्रीय हैं। पार्टी के कई उम्रदराज नेता मौजूदा सरकार में विधायक हैं। भाजपा में शाहपुरा सीट से कैलाश मेघवाल, अजमेर उत्तर से वासुदेव देवनानी और सूरसागर से विधायक सूर्यकांता व्यास विधायक हैं। इन नेताओं की उम्र 70 वर्ष या इससे ज्यादा है। पार्टी ने इनके प्रभाव को देखते हुए उम्र के फार्मूले को ताक में रखकर इन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। ऐसे में पूर्व मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन के समर्थकों को पूरी उम्मीद है कि पार्टी उनके प्रभाव को देखते हुए उन्हें विधानसभा चुनाव में मौका जरूर देगी।












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