Rajasthan Flood Video : सेना ने संभाला मोर्चा, पूर्व CM वसुंधरा राजे ने प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लिया

जयपुर, 24 अगस्‍त। मानसून 2022 के दूसरे चरण में भारी बारिश होने से राजस्‍थान में भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात हैं। नदी-नाले और डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। खेत-खलिहान लबालब हैं। कॉलोनियां जलमग्‍न हैं। सड़कों पर नाव चल रही हैं। चंबल खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उदयपुर के बीचों-बीच नदी बहने लगी है। हजारों लोग बरसाती पानी से घिरे हैं। कोटा में सुखनी नदी में डूबने से एक बच्चे की मौत भी खबर है।

 नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीमें भी बचाव कार्यों में लगी

नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीमें भी बचाव कार्यों में लगी

ऐसे में भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला है। नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स की टीमें भी बचाव कार्यों में लगी हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा को हेलीकॉप्‍टर राजस्‍थान के अंता से होते हुए बारां शहर के ऊपर से गुजरा है। वे अटरू, कवाई, छबड़ा और छीपाबड़ौद क्षेत्र का भी ले रही हैं उनके साथ बारां-झालावाड़ सांसद उनके बेटे दुष्यंत सिंह भी हेलीकॉप्‍टर में मौजूद हैं।

14 से ज्‍यादा जिलों में सर्वाधिक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ नया वेदर सिस्‍टम झारखंड और मध्‍य प्रदेश के बाद बीते दो-तीन दिन से राजस्‍थान में आफत बनकर बरसा रहा है। हाड़ौती व मेवाड़ अंचल समेत राजस्‍थान के 14 से ज्‍यादा जिलों में सर्वाधिक बारिश हुई है। चंबल नदी का पानी बीते 26 साल का रिकॉर्ड तोड़ने का है। धौलपुर में चंबल नदी का लेवल 142 मीटर के ऊपर पहुंच गया है, जो कि खतरे के निशान से करीब 12 मीटर अधिक है।

गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया

गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया

खबर है कि भारी बारिश से प्रभावित उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में भारतीय सेना के जवानों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 17 टीमें लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। कोटा, करौली, धौलपुर सहित कई जिलों में दूर-दराज के गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। आम रास्‍ते में भरे पानी के बीच लोग जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं।

 छह बड़े बांधों के गेट खोले गए

छह बड़े बांधों के गेट खोले गए

बता दें कि राजस्थान में 22 बड़े डैम हैं। इनमें से बांसवाड़ा का हारो, टोंक का गलवा और प्रतापगढ़ का जाखम बांध तो 100 फीसदी भर चुके हैं। अब इन डैम का पानी आस-पास के शहर-कस्‍बों के लिए संकट बन सकता है। चित्तौड़गढ़ के राणा प्रताप सागर बांध में 93.68%, कोटा बैराज में 95.38 और बूंदी के गुढ़ा डैम में 97.18% पानी की आवक हुई है। बीते 24 घंटे में सबसे बारिश झालावाड़ में 11.3 इंच रिकॉर्ड की गई। इन दो दिनों में ही प्रदेश के छह बड़े बांधों के गेट खोले गए हैं। प्रदेश के 33 में से 26 जिलों में अब तक औसत से करीब 20% ज्यादा बारिश हो चुकी है।

पूरे राजस्‍थान में औसत से 51 प्रतिशत से ज्‍यादा बारिश

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्‍याम शर्मा कहते हैं कि भारी बारिश को देखते हुए तीन-चार दिन से लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। 23 अगस्‍त तक पूरे राजस्‍थान में औसत से 51 प्रतिशत से ज्‍यादा बारिश हो चुकी है। भारी बारिश का यह दौर आज से थमने का अनुमान है। बुधवार को राजस्‍थान जयपुर समेत दस जिलों के लिए मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने का अलर्ट जारी किया है।

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