Rajasthan Election 2023: कर्मचारियों ने दो कार्यकाल के बाद गहलोत पर जताया भरोसा, कितना होगा असर ?
Rajasthan Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो गया है। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हुई है। राजस्थान में विधानसभा चुनाव में इस बार कोई मुद्दा हावी नहीं रहा है। पेपरलीक और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने के मामले के अलावा कोई खास नाराजगी नहीं देखी गई। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि साल 2003 और 2013 में कर्मचारियों की जो नाराजगी सरकार के खिलाफ रही। उसका असर इस चुनाव में न के बराबर नजर आया। राजनीति के जानकार कहते हैं कि 2003 और 2013 में गहलोत सरकार को नाराजगी का सामना करना पड़ा था। पिछली बार डेढ़ लाख वोटों से कांग्रेस भाजपा से आगे रही थी। अभी चार लाख कर्मचारियों ने डाक मत का उपयोग किया। यह बड़ा और निर्णायक आंकड़ा माना जा रहा है। हालांकि इस बार गहलोत सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस का तोहफा दिया था। इससे कर्मचारियों में नाराजगी नहीं दिखी। जानकार दावा करते हैं कि कर्मचारियों का इस बार सरकार को समर्थन रहा है।
डाक मत में कांग्रेस को समर्थन की चर्चा
विधानसभा चुनाव के लिए डाक मत की सुविधा दी गई थी। राजस्थान में इस बार आठ विभागों के कर्मचारियों ने डाक मत का इस्तेमाल किया है। प्रदेश में लगभग चार लाख कर्मचारियों ने डाक मत के जरिए मतदान किया है। जानकार बताते हैं कि जिन सीटों पर कांटे की टक्कर है। वहां डाक मत पत्र निर्णायक साबित होंगे। जानकारों का दावा है कि कर्मचारियों में मतदान में एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा जताया है। वे कहते हैं कि कर्मचारियों द्वारा डाले गए मत में कांग्रेस के प्रति समर्थन की चर्चा है। जानकार इसका श्रेय राजस्थान में गहलोत सरकार की योजनाओं को देते हैं।

अशोक गहलोत की योजनाओं की देशभर में चर्चा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की योजनाओं की चर्चाएं देशभर में रही है। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार कई योजनाएं लागू की जो जनता के लिए कारगर साबित हुई। इसके साथ ही प्रदेश में कई कानून भी बनाएं गए। राजस्थान के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा ओपीएस और चिरंजीवी योजना ने सुर्खियां बटोरी है। इससे कर्मचारियों में गहलोत सरकार के प्रति सकारात्मक रवैया नजर आया। आपको बता देते हैं कि साल 2003 और 2013 में कर्मचारियों की नाराजगी की वजह से गहलोत सरकार को हार का सामना करना पड़ा था। तब भाजपा सत्ता में आई थी। प्रदेश में चुनाव परिणाम 3 दिसंबर को आएंगे। कर्मचारियों ने कांग्रेस के प्रति कितना भरोसा जताया है। इसका मालूम भी चुनाव परिणाम सामने आने पर ही चल पाएगा।












Click it and Unblock the Notifications