Rajasthan: भरतपुर का भगत सिंह जिसका मकसद लोगों की जान बचाना है, अब तक 2500 लोगों की जान बचा चुके

जयपुर, 14 अगस्त। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस माहौल के बीच आजादी का जीवंत संदेश दे रहे हैं राजस्थान भरतपुर जिले में भगत सिंह के नाम से मशहूर लाखन सिंह। जिन्होंने लोगों की जान बचाना ही अपने जीवन का मकसद बना लिया है। लाखन सिंह रक्तदान के जरिए लोगों की जान बचाते हैं। अब तक लाखन सिंह 47 बार रक्तदान कर चुके हैं और 32 से ज्यादा कैंप लगाकर प्रदेश के भरतपुर, अलवर और जयपुर में लोगों की जान बचा चुके हैं। भगत सिंह जैसी टोपी और मूछें तान कर जब यह बाजारों में निकलते हैं तो लोग कहते हैं भगत सिंह आ गया। राजस्थान रोडवेज में कंडक्टर की नौकरी करने वाले लाखन सिंह को देखकर लोगों में भगत सिंह जीवंत हो उठते हैं। लाखन सिंह बताते हैं उन्होंने भगत सिंह से प्रेरणा लेकर ही मानव सेवा के कार्य को शुरू किया था। भगत सिंह ने देश के लिए जान दी वह लोगों को खून देकर उनकी जान बचाते हैं। वे कहते हैं भगत सिंह जैसा हुलिया रखने से लोग कम से कम भगत सिंह जी को याद तो करते हैं।

lakhan singh

15 साल की उम्र में पहली बार किया रक्तदान

लाखन सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार भरतपुर जिले के कुम्हेर मैं रक्तदान किया था। उनके नजदीकी गांव में ही किसी को ब्लड की जरूरत पड़ गई थी। जब उन्हें जानकारी मिली तो वे मरीज के पास गए। उनसे उनकी पीड़ा नहीं देखी गई। उन्होंने रक्तदान कर मरीज की जान बचाई। इसके बाद से ही उन्होंने रक्तदान को अपने जीवन का मकसद बना लिया और लोगों की मदद में जुट गए। शुरुआती दौर में व्यक्तिगत रूप से वे लोगों को रक्त देने के लिए तैयार रहते थे। फिर उन्हें लगा कि कैंप के जरिए रक्तदान के कार्यक्रम आयोजित कराए जाए। उन्होंने कैंप लगवाना शुरू कर दिया। लाखन सिंह अब तक 47 बार रक्तदान कर चुके हैं और 32 रक्तदान शिविर लगा चुके हैं। इन कैंपों के जरिए वे गरीब लोगों की मदद करते हैं। जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध कराया जाता है। वे बताते हैं कि कैम्प के जरिए अलवर, भरतपुर और जयपुर में रक्तदान के प्रयास किए हैं। लाखन सिंह इसे और आगे बढ़ाना चाहते हैं। लाखन सिंह कहते हैं रक्तदान के लिए मानव की जरूरत पड़ती है। ऐसे में एक मानव ही मानव की सेवा कर सकता है। लोगों को जागरूक होना चाहिए ताकि रक्त के अभाव में किसी की जान न जा सके। इसके अलावा लाखन सिंह अब तक तीन ईएनटी शिविर भी लगा चुके हैं। जिनमें लोगों की निशुल्क जांच की गई और ऑपरेशन किए गए। लाखन सिंह ने बताया कि शिविर में चार हजार मरीजों की आंख, कान, नाक संबंधी जांच की गई और ढाई सौ लोगों के ऑपरेशन किए गए हैं। लखन सिंह शहीद आजाद भगत बोस नाम की संस्था भी चलाते हैं। इसी के जरिए वे लोगों की मदद में जुटे रहते हैं।

lakhan singh

भगत सिंह से प्रेरित होकर बनाया उनके जैसा लुक

लाखन सिंह कम उम्र में ही भगत सिंह से प्रेरित हो गए। उन्होंने भगत सिंह जैसा ही बनने का प्रण लिया। सबसे पहले उन्होंने उनके बारे में जानकारी जुटाई। किताबें पढ़ी और फिर उन जैसा बनने की ठान ली। वे बताते हैं कि उनके गांव के पास भगत सिंह हेल्पलाइन जनसेवा का कार्य करती थी। इसी से प्रेरित होकर मैंने भगत सिंह जैसा दिखने की ठानी। लाखन सिंह को भगत सिंह के नाम से जाना जाता है। उनके कार्यस्थल पर भी लोग उन्हें भगत सिंह के नाम से ही बुलाते हैं। वे कहते हैं भगत सिंह जैसा दिखने की सबसे बड़ी वजह लोगों के बीच भगत सिंह जी को जीवंत रखना है। उन्हें देखने के बहाने लोग भगत सिंह को याद तो कर लेते हैं। भगत सिंह के नाम से मशहूर लाखन सिंह बहुत अच्छे एथलीट और खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने एथलीट और स्पोर्ट्स में अब तक 39 गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते हैं। वे भरतपुर जिले के नदबई के पास चैनपुरा गगवाना गांव में अपने परिवार के साथ रहते हैं। किसान परिवार में जन्मे लाखन सिंह खेतीबाड़ी भी करते हैं। वह अब तक रक्तदान के जरिए ढाई हजार लोगों की जान बचा चुके हैं। उनके विभाग राजस्थान रोडवेज ने भी उन्हें सराहनीय कार्य के लिए रोडवेज में स्टेट लेवल का यात्री मित्र कार्मिक पुरस्कार दिया है। रक्तदान में सराहनीय प्रयासों के लिए भरतपुर के जिला कलेक्टर भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।

lakhan singh

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+