Rajasthan Assembly Session: 16वीं राजस्थान विधानसभा के पहले सत्र में दिखा जाट आरक्षण आंदोलन का असर
Rajasthan Assembly Session: राजस्थान के भरतपुर-धौलपुर के जाट आरक्षण की मांग को लेकर गांव जयचौली में रेल पटरियों के पास महापड़ाव डाले बैठे हैं। जाट आरक्षण आंदोलन का असर राजस्थान विधानसभा सत्र में भी दिखा
दरअसल, 16वीं राजस्थान विधानसभा का पहला सत्र 19 जनवरी 2024 को सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। सबसे पहले राजस्थान राज्यपाल कलराज मिश्रा का अभिभाषण हुआ।

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, सीएस सुधांश पंत, विधानसभा के प्रमुख सचिव ने राज्यपाल कलराज मिश्र का स्वागत किया। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई थी।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने अभिभाषण में कहा कि मौजूदा सरकार पहले की सरकार की कोई योजनाएं बंद नहीं करेगी, मगर आफन-फानन में शुरू की गई कथित कल्याणकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय कमेटी से समीक्षा करवाई जाएगी।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में यह भी कहा कि सरकार राज्य में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। राजस्थान सरकार ने निर्णय कर पेपर लीक मामलों की कड़ी जांच हेतु एस आई टी का गठन कर दिया है। सरकार ने संकल्प लिया है कि राजस्थान को महिलाओं के लिए देश का सर्वाधिक सुरक्षित प्रदेश बनाएंगे।

भरतपुर जिले की बयाना सीट से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत राजस्थान विधानसभा सत्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर प्लेकार्ड लेकर पहुंची। ऋतु बनावत के हाथ में कागज पर लिखा था-'भरतपुर और धौलपुर के जाट समाज को केंद्रीय ओबीसी में आरक्षण दिया जाए'
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सेवाओं में राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर के जाटों को आरक्षण नहीं है। आरक्षण की मांग को लेकर जाटों ने भरतपुर जिले के गांव जयचौली में दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग के पास 17 जनवरी 2024 से महापड़ाव डाल रखा है।
उधर, गुरुवार को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि 'सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिलेगा। सदन को चलाने की जिम्मेदारी 16वीं विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों की है।












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